बेहट (सहारनपुर)। भाकियू ने बृहस्पतिवार को तहसील कार्यालय में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए धरना दिया और पांच सूत्रीय ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।
धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष चौधरी चरण सिंह ने कहा कि तहसील में अधिकारियों एवं कर्मचारियों का व्यवहार आम आदमी के लिए अच्छा नहीं है। रिश्वत के बिना कोई कार्य नहीं किया जाता। भ्रष्टाचार चरम पर है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अधिकारी और कर्मचारी अपने व्यवहार और स्थिति में सुधार कर लें, अन्यथा भाकियू ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों को सबक सिखाना जानती है।
जिला प्रवक्ता मास्टर रघुवीर सिंह, सुरेंद्र काम्बोज व मोहम्मद आलिम ने प्रदेश सरकार पर किसान विरोधी होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, कि सरकार में अधिकारी व कर्मचारी बेलगाम हैं। किसानों की समस्याओं की तरफ किसी का ध्यान नहीं है। उन्होंने कहा कि अधिकारी कान खोल कर सुन लें, किसानों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर करें, अन्यथा यूनियन किसानों के हक और अधिकारों की लड़ाई लड़ना जानती है।
धरना प्रदर्शन के बाद पांच सूत्रीय ज्ञापन एसडीएम को सौंपा गया, जिसमें तहसील स्तर पर समस्याएं लेकर पहुंचने वाले किसानों व अन्य पीड़ित व्यक्तियों का सम्मान किए जाने के साथ ही उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान किए जाने, रायपुर से नंदपुर जोड़ियो तक पुन: सड़क निर्माण कराए जाने, पिछले कई सालों से एक क्षेत्र में जमीन लेखपालों का कार्यक्षेत्र बदले जाने, वंचित किसानों को किसान सम्मान निधि का लाभ दिलाए जाने और कासमपुर रजबाहे में आवश्यकतानुसार कुलावे लगाए जाने की मांग शामिल है। धरना प्रदर्शन में सत्यपाल सिंह, अनुज कुमार, सुरेश चौहान, राजेश काम्बोज, मुन्तजिर, केहर सिंह, नरेश स्वामी, गंगाराम प्रधान, रणधीर सैनी, हमीद खां, नदीम, हसीब, यासिर आदि शामिल रहे।