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Saharanpur News: ऐतकाफ में मोबाइल से परहेज़ करें, इबादत में वक्त लगाएं

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देवबंद। जमीयत दावतुल मुसलीमीन की ओर से चलाई जा रही हेल्पलाइन पर रोज़ेदार अपने शंकाओं को दूर कर रहे हैं। एक सवाल के जवाब में उलमा ने कहा कि शब-ए-कद्र रमजान की सबसे मुकद्दस रात है। इसमें हमें न सिर्फ इबादत करनी चाहिए बल्कि गरीबों की मद्द करनी चाहिए और रिश्तों को सुधारना चाहिए।
प्रसिद्ध आलिम-ए-दीन मौलाना कारी इस्हाक गोरा ने बुधवार को तमाम रोजेदारों से अपील करते हुए कहा कि वे रमजान के आखिरी दिनों को पूरी संजीदगी और इबादत के साथ गुजारें। समाज में अच्छाई और भाईचारे को बढ़ावा देना चाहिए।
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सवाल :
सहारनपुर के मोहल्ला मूत्रीबान निवासी जफर ने मालूम किया कि रमजान के आखिरी अशरे (आखिरी दस दिन) में शब-ए-कद्र कौन-कौन सी रातों में होती है और इसका क्या महत्व है।
जवाब :
शरीयत के अनुसार शब-ए-कद्र रमजान की सबसे मुकद्दस रात है। अल्लाह ने इस रात को एक हजार महीनों (83 साल से अधिक) की इबादत से बेहतर बताया है। यह रात ताक रातों यानी 21, 23, 25, 27 और 29 में से किसी एक में होती है। इन रातों में जागकर इबादत करनी चाहिए, अल्लाह से मगफिरत मांगनी चाहिए और अपने गुनाहों की माफी चाहिए।
सवाल :
गंगोह निवासी मुनीब ने पूछा कि उनके पड़ोस की मस्जिद में कुछ दोस्त ऐतकाफ में बैठे हैं, लेकिन वे मोबाइल पर देर तक बातें करते हैं और सोशल मीडिया भी इस्तेमाल कर रहे हैं। क्या यह सही है।
जवाब :
ऐतकाफ का असल मकसद अल्लाह की इबादत में पूरा वक्त लगाना है। शरीयत के अनुसार ऐतकाफ करने वालों को मस्जिद में सिर्फ इबादत और अल्लाह की याद में वक्त गुजारना चाहिए। मोबाइल फोन और सोशल मीडिया का इस्तेमाल ऐतकाफ की रूह के खिलाफ है।
सवाल :
देवबंद के तनवीर ने पूछा कि रमजान के आखिरी अशरे में कौन-कौन सी दुआ पढ़नी चाहिए।
जवाब :
रमजान के आखिरी अशरे की सबसे अहम दुआ है अल्लाहुम्मा इन्नका अफ़ुव्वुन तुहिब्बुल अफ़्वा फाअफ़ु अन्नी जिसका अर्थ है (ऐ अल्लाह तू बहुत माफ करने वाला है, माफी को पसंद करता है इसलिए मुझे माफ कर दे। (तिर्मिजी)।
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सवाल :
मुजफ्फरनगर के सलीम ने पूछा कि अगर कोई बीमारी की वजह से रोजा न रख पाए तो क्या वह रमजान के आखिरी अशरे में शब-ए-कद्र की इबादत कर सकता है।
जवाब :
जी हां, शब-ए-कद्र की इबादत हर मुसलमान के लिए फजीलत (विशेषता) रखती है। चाहे वह रोजा रख रहा हो या नहीं। जो लोग किसी मजबूरी या बीमारी की वजह से रोजा नहीं रख पाए, वे इस मुबारक रात की बरकतों को हासिल कर सकते हैं।
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