सहारनपुर। बुद्ध शिक्षा संस्थान आंबेडकरपुरम में अशोक विजय दशमी एवं दीक्षा पर्व समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में पहुंचे लोगों ने अंधविश्वास, रुढ़िवाद और पाखंड को त्यागने का संकल्प लिया।
केडी गौतम ने कहा कि अंधविश्वास, रुढ़िवाद और पाखंड समाज को पीछे की ओर धकेल रहा है। धम्माचरण से ही इन कुरीतियों को दूर किया जा सकता है और इसमें ही समाज और देश की भलाई है। सुखपाल सिंह भास्कर ने कहा कि 2200 वर्ष पूर्व अश्विन शुुक्ल दशमी के दिन महाराजा सम्राट अशोक ने कलिंग पर विजय के बाद शस्त्र त्यागकर संसार में धम्म विजय की घोषणा की थी। इसी दिन महाराजा सम्राट अशोक के सुपुत्र महेंद्र एवं सुपुत्री संघ मित्रा ने सिंघस (श्री लंका) जाकर धम्म प्रचार कार्य शुरू किया था। उसी के अनुसार 14 अक्तूबर 1956 अश्विन शुक्ल दशमी को भारत रत्न बोधिसत्व डॉ. भीमराव आंबेडकर ने दस लाख भारतीयों के साथ बौद्ध धम्म की दीक्षा ली थी। दीक्षा लेकर भारत में धम्म प्रचार शुरू किया था। रामपाल सिंह ने कहा कि अनुसूचित जातियों के लोग बाबा साहब के बताए मार्ग से भटक गए हैं। संगठन का अगला कदम भटके हुए भाई और बहनों को ध्यान साधना के बल पर सद मार्ग पर लाना है। समारोह को बीर सिंह बौद्ध, राजेश्वर बंधु आदि ने भी संबोधित किया। अध्यक्षता रवि कुमार बौद्ध ने की। कार्यक्रम में नाथीराम बौद्ध, बीर सिंह गौतम, अक्षय कुमार, रमन, कुशलपाल, उर्मिला बौद्ध, यशपाल सिंह बौद्ध, सुमित बौद्ध, प्रवेश कुमार, आरके तरानिया, डॉ. गुलशन कुमार, मन कुमार बौद्ध, मुकेश सिद्धार्थ, गणेश प्रसाद, सतीश गौतम आदि मौजूद रहे।