सहारनपुर। ठंडक के साथ ही हवा में प्रदूषण का जहर बढ़ने लगा है। जो एक्यूआई पिछले दिनों 40 तक आ गया था वह अब 150 तक पहुंच गया। हवा की यह गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में आती है यानी न बहुत अच्छी और न ही बहुत बुरी।
प्राकृतिक और अप्राकृतिक कारणों से सहारनपुर वायु प्रदूषण के मामले में सुरक्षित माना जाता है। प्राकृतिक रूप की बात करें तो सहारनपुर का शहर छोटा है, जबकि देहात का क्षेत्रफल काफी बड़ा है। शिवालिक पहाड़ियां इसका हिस्सा होना भी इसे प्राकृतिक रूप से समृद्ध है, जो इसे प्रदूषण से बचाता है। इसके अलावा औद्योगिक इकाइयां भी उतनी नहीं हैं, जितनी पड़ोसी जनपद मुजफ्फरनगर और यमुनानगर में हैं। सामान्य दिनों में यहां का एक्यूआई 100 से 120 तक रहता है।
दिवाली के दिनों में एक्यूआई 300 को पार कर जाता है, लेकिन सर्दियों में हवा भारी होने के कारण धूल और धुएं के कण ऊपर नहीं जा पाने की वजह से वायु प्रदूषण बढ़ जाता है। पिछले सप्ताह बारिश में जो एक्यूआई 40 तक आ गया था वही एक्यूआई बृहस्पतिवार को 150 तक पहुंच गया। तापमान की बात करें तो सुबह-शाम ठंडक है। दोपहर में तेज धूप से मौसम थोड़ा गर्म हो रहा है। बृहस्पतिवार को न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 35.4 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम वेधशाला प्रभारी अमीर आलम ने बताया सर्दियों में वायु प्रदूषण बढ़ना सामान्य चीज है।
सांस और दिल के मरीजों को नुकसान
सर्दियों में वायु प्रदूषण बढ़ने और नमी व कोहरे के कारण हवा भारी होने से दिल और सांस के मरीजों की तकलीफ बढ़ जाती है। जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. अनिल वोहरा का कहना है कि सांस और दिल के मरीजों ऐसे मरीजों को मास्क का प्रयोग करना चाहिए। प्रदूषण वाले क्षेत्रों में निकलने से बचना चाहिए।