फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूक्रेन का जिक्र होते ही आंखों के सामने तैर जाता है भयावह नजारा

विज्ञापन
पिता और भाई के साथ राव अहमद (मध्य में) - फोटो : SAHARANPUR
विज्ञापन
छुटमलपुर (सहारनपुर)। तीन दिन तक यूक्रेन के युद्ध ग्रस्त क्षेत्र में रहे खुजनावर के राव अहमद ने अपने देश की सरजमीं पर उतरने के बाद ही सुकून की सांस ली। वे चार दिन कैसे बीते इनका जिक्र तक करते वक्त अहमद की आंखों के सामने यूक्रेन का भयावह नजारा तैर जाता है।
विज्ञापन

रविवार शाम साढ़े छह बजे दिल्ली एयरपोर्ट में उतरने के बाद अहमद को सबसे पहले यूपी भवन ले जाया गया। जहां आराम करने को कमरा और खाना उपलब्ध कराया गया। इसके बाद उसे बिजनौर और गाजियाबाद के दो छात्रों के साथ इनोवा कार से उसके घर रवाना किया गया। सुबह साढ़े तीन बजे अहमद घर पहुंचा तो पूरा परिवार उसके इंतजार में जाग रहा था। बेटे को देखते ही पिता राव इकराम और अन्य परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। सभी ने एक एक करके बेटे को गले से लगाया। इसके बाद दिन भर अहमद से मिलने आने वालों का तांता लगा रहा। अहमद ने बताया कि भारतीय दूतावास के अधिकारियों ने उन्हें बस से एयरपोर्ट भेजा और वहां से प्लेन से दिल्ली के लिए रवाना किया। बस और विमान का कोई किराया नहीं लिया गया। राव अहमद ने यूक्रेन में फंसे छात्रों को निकालने के लिए भारत सरकार द्वारा किये जा रहे प्रयास की सराहना की। कहा कि यूक्रेन में रोमानिया बार्डर पर फंसे हजारों छात्र संकट में हैं। उन्हें वहां से यथाशीघ्र निकालने की जरूरत है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें