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अमर उजाला एक्सक्लूसिव: 50 लाख के फर्जीवाड़े का खुलासा, 30 फर्मों ने ऐसे किया था बड़ा खेल

Fri, 01 Jan 2021 01:34 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
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घोटाला फाइल फोटो - फोटो : amar ujala
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उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जनपद में एक फर्जीवाड़ा सामने आया है। सामान खरीदा नहीं और जीएसटी (गुड्स एवं सर्विस टैक्स) भी अदा नहीं किया, बावजूद फर्जी बिल लगाकर आईटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) क्लेम ले लिया। फर्जीवाड़ा सामने आने पर वाणिज्यकर विभाग की एसआईबी (विशेष अनुसंधान शाखा) ने जांच की तो, 30 से ज्यादा फर्मों द्वारा ऐसा खेल किया जाना सामने आया। इन फर्मों से प्राप्त क्लेम की धनराशि की वसूली हो रही है और करीब 50 लाख से ज्यादा की रकम जमा कराई है। 

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योजनाबद्ध कर अपवंचन करने वालों के खिलाफ वाणिज्यकर विभाग ने सख्त रुख अपना लिया है। फर्जी बिलों के माध्यम से आईटीसी लेने की सूचना पर वाणिज्यकर विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा की टीम ने करीब 30 फर्मों की जांच शुरू की। पता चला कि उक्त फर्मों द्वारा फर्जी बिल लगाकर आईटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) लिया जा रहा था। 

दिसंबर के अंतिम सप्ताह में विशेष अनुसंधान शाखा द्वारा की गई जांच के दौरान इन फर्मों द्वारा ली गई 50 लाख रुपये से अधिक की आईटीसी को जमा कराया गया है। इन फर्मों में लकड़ी, स्क्रैप, आयरन, स्टील आदि की फर्में शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार ये फर्में फर्जी बिल लगाकर सामान खरीदना दर्शा रही थीं। इसके बाद आईटीसी क्लेम कर रहीं थी। 
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वाणिज्य कर विभाग के एडिश्नल कमिश्नर ग्रेड-2 राम बाबू ने बताया कि फर्मों की जांच की जा रही है। अभी इनसे 50 लाख रुपये से अधिक की राशि जमा कराई गई है। जांच पूरी होने के बाद जुर्माना आदि भी लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी को भी कर अपवंचन नहीं करने दिया जाएगा। कर अपवंचकों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
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ऐसे किया फर्जीवाड़ा 
किसी भी फर्म को माल खरीदने पर जीएसटी देना होता है। उसके बाद सामान की आगे बिक्री होने पर आईटीसी क्लेम किया जाता है। व्यापारी एवं कारोबारियों को जीएसटी में आईटीसी क्लेम करने का अधिकार है। जांच में पता चला है कि फर्मों के द्वारा सामान की खरीद ही नहीं की गई, बल्कि बगैर खरीद के फर्जी बिल बनाकर क्लेम में लगा दिए गए। क्रास चेकिंग में मामला खुलकर सामने आ गया।

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