सहारनपुर। पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल के चारों बेटे जावेद, वाजिद, अफजाल और अलीशान को सोमवार देर शाम जिला कारागार से जमानत पर रिहा कर दिया गया। इससे पहले अदालत से रिहाई का परवाना जिला कारागार पहुंचा। परवाना पहुंचने के बाद जिला कारागार प्रशासन ने रिहाई की कार्रवाई शुरू की। इसमें करीब दो घंटे लगे।
पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल के चारों बेटे कई मामलों में काफी समय से जेल में बंद थे। इनके अधिवक्ता की तरफ से नवंबर 2024 में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। मामले की सुनवाई 22 अगस्त 2025 को हुई। याचिका में उनके अधिवक्ता ने दलील दी थी कि उन्हें जमानत मिलने के बाद किसी अन्य मामले में गिरफ्तार दिखा दिया जाता है। इसके तहत 13 अगस्त को उनके खिलाफ मिर्जापुर थाने में एससी एससी एक्ट समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर फिर से गिरफ्तार दर्शा दिया था।
अदालत ने सभी पक्षों को नोटिस जारी किया था। इस पर 22 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने इनकी रिहाई के आदेश दिए थे। अधिवक्ता संजय वर्मा ने बताया कि दो दिन छुट्टी होने के चलते रिहाई की कार्रवाई नहीं हो सकी थी। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में मामला फिर रखा गया। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिए कि शाम तक चारों को जमानत पर रिहा किया जाए। बताया कि हाजी इकबाल के भाई महमूद एक मामले में दोषी सिद्ध है। उसकी जमानत की अर्जी लंबित है। देर शाम चारों भाइयों को रिहा किया गया। रिहाई पर समर्थक भी जिला कारागार पहुंचे।
- वर्ष 2022 में गिरफ्तार हुए थे चारों बेटे
पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल के चारों बेटों के मई 2022 से अक्टूबर 2022 के बीच अलग-अलग गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने अलीशान और जावेद को मई 2022 में गिरफ्तार किया था। जून 2022 में पुलिस ने अफजाल को पकड़ा था। इसके बाद सहारनपुर पुलिस ने वाजिद को अक्टूबर 2022 में पकड़ा था।
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30 अन्य आरोपी भी जमानत पर आए बाहर
जेल अधीक्षक सत्यप्रकाश सिंह ने बताया कि सोमवार को हाजी इकबाल के चारों बेटों के अलावा 30 अन्य आरोपियों को रिहा किया गया। सभी पर अलग-अलग अपराधिक मामले दर्ज हैं।