सहारनपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सर्किट हाउस में कई पीड़ित न्याय की गुहार लगाने के लिए पहुंचे। इनमें एक पीड़ित औरेया जिले से भी आया। पुलिस ने इन सभी के शिकायती पत्रों को सर्किट हाउस गेट पर ही ले लिया।
औरेया जिले के विकास खंड चौराहा निवासी व्यक्ति ने बताया कि उसकी नाबालिग बेटी को पड़ोस की एक युवती साथ ले गई थी। उस युवती के साथ कई अन्य लोग भी शामिल थे। यह लोग नाबालिग लड़कियों को अपने जाल में फंसाकर बहलाकर ले जाते हैंं, उनकी वीडियो बनाकर ब्लैकमेल कर अवैध धंधा करवाते हैं। पीड़ित को शक है कि बेटी को कहीं बेच दिया है। पुलिस की तरफ से अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने बेटी को सकुशल बरामद कराने की मुख्यमंत्री से गुहार लगाई है। साथ ही आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज की मांग की।
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ससुराल पक्ष पर लगाया मारपीट का आरोप
सहारनपुर। थाना कुतुबशेर के मोहल्ला शारदा नगर निवासी मीनू सर्किट हाउस में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने पहुंची, लेकिन पुलिस ने गेट पर रोक लिया। उसके साथ दो बेटी अनन्या व अविका थीं। पीड़िता ने बताया कि पति की एक माह पहले मौत हो गई थी। आरोप लगाया कि ससुराल पक्ष के लोग साथ मारपीट करते हैं। उसको बच्चों के पालन-पोषण का खर्चा भी नहीं दे रहे। कई बार मारपीट कर उसे दो मासूम बच्चियों के साथ घर से भी निकाल दिया गया। महिला पुलिसकर्मियों ने प्रार्थना पत्र लेकर सीएम तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।
पुलिस महिला कर्मचारियों का गृह जनपद में स्थानांतरण की मांग
सहारनपुर। अखिल भारतीय अनुसूचित जाति, जन जाति कर्मचारी कल्याण संघ के पदाधिकारियों ने नगर विधायक के माध्यम से मुख्यमंत्री को प्रार्थना पत्र दिया। संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राम मेहर दास जयंत ने बताया कि वर्ष 2012 से 2017 में पुलिस कर्मचारियों को स्वयं के गृह जनपद व सीमावर्ती जिले के अलावा अन्य जनपदों में कार्यरत रहकर सेवा करने का शासनादेश जारी हुआ था। उनकी मांग है कि महिला पुलिसकर्मियों को गृह जनपद व पुरुष पुलिसकर्मियों को सीमावर्ती जिले में स्थानांतरित किया जाए।