सहारनपुर। राजकीय मेडिकल कॉलेज में नीकू वार्ड की भी सुविधा मिलेगी। इससे गंभीर नवजात शिशुओं को दिल्ली, चंड़ीगढ़ या फिर अन्य अस्पतालों में रेफर नहीं करना पड़ेगा। यह वार्ड पांच बेड (रेडिएंट वार्मर) का होगा। इसमें जन्म से लेकर एक महीने तक के नवजात शिशु भर्ती किए जाएंगे। वेंटिलेटर की सुविधा भी रहेगी।
राजकीय मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में प्रतिदिन एक हजार से अधिक मरीज चिकित्सकों को दिखाने के लिए पहुंचते हैं। बाल रोग विशेषज्ञ की ओपीडी 90 से 100 की रहती है। मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं, ताकि मरीजों को इलाज में कोई परेशानी न हो। अब मेडिकल कॉलेज में नीकू की व्यवस्था भी जल्द की जाएगी। पांच बेड की सुविधा शुरू की जाएगी। इसके लिए अलग वार्ड तैयार कर लिया है। वार्ड में लगने वाले उपकरणों को खरीदा जा चुका है। वेंटिलेटर पहले से ही मेडिकल कॉलेज में है।
नीकू वार्ड में मिलती हैं यह सुविधाएं
नीकू वार्ड में एलईडी फोटोथेरेपी, बच्चों को हाइपोथर्मिया से बचाने के लिए रेडिएंट वार्मर, सांस की तकलीफ वाले बच्चों के लिए कंटीन्यूअस पॉजिटिव एयर प्रेशर, इन्फ्यूजन पंप (जिनके सहारे नवजात बच्चे को दूध जैसे तरल को भेजा जाता है) की सुविधा मिलती है। इसमें जन्म से एक महीने तक के नवजात शिशु रखे जाते हैं। बच्चों को ऑक्सीजन की कमी होने पर विशेष व्यवस्था होती है। इसके साथ ही बच्चों के वेंटिलेटर भी होते हैं। यहां किसी को भी शोर करने की इजाजत नहीं है। बच्चों को बहुत ही शांत माहौल में रखा जाता है।
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मेडिकल कॉलेज में नीकू वार्ड बनाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। उपकरणों की खरीद हो गई है। वार्ड में अलग से स्टाफ को तैनात किया जाएगा। वार्ड को जल्द से जल्द शुरू किया जाएगा। - डॉ. सुधीर राठी, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज