मनोकामना पूर्ति को विधि-विधान से करें शिवरात्रि पर पूजा
सहारनपुर। शिवरात्रि पर विधि-विधान से भगवान शंकर की पूजा करने से श्रद्धालु की सभी मनोकामना पूरी हो जाएंगी। शुभ मुहूर्त को ध्यान में रखकर ही भगवान आशुतोष का अभिषेक किया जाए। इनमें पंचामृत अभिषेक विशेष महत्व रखता है।
मंगलवार को अमर उजाला से बातचीत के दौरान ब्रहमपुरी कॉलोनी स्थित श्री बगलामुखी मंदिर के अधिष्ठाता पंडित रोहित वशिष्ठ ने बताया कि श्रावण मास में शिव की पूजा करने से सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। महादेव शिव सर्व समर्थ हैं और पापों को नष्ट करते हैं। इनकी पूजा करने से समस्त मनोरथ पूर्ण होते हैं। मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए सर्वप्रथम शिव मंदिर में जाकर भगवान शिव को हाथ जोड़कर प्रणाम करें। आसन बिछाकर भोलेनाथ की ओर मुख कर बैठ जाए। पूजा की सामग्री वस्त्र, जनेऊ, गंगाजल, पुष्प, चंदन, साबुत चावल, धूप, दीपक, बेलपत्र, धतूरे का फल और पुष्प, दूर्वा तुलसी पत्ते, फल व मिठाई अपने पास रख लें। पंचामृत में दूध, दही, देसी घी, शहद और शक्कर का मिश्रण करें। इन पांच वस्तु में यदि किसी एक वस्तु का अभाव हो तो गंगाजल का इस्तेमाल करें। मन में भगवान शिव का ध्यान करते हुए पूजा शुरू करें। सर्वप्रथम जलाभिषेक कर शिवलिंग पर चंदन का तिलक लगाएं। इसके पश्चात पुष्प अर्पित करें और पंचामृत से स्नान कराएं। धूप बत्ती और दीपक से भगवान की आरती उतारें। भगवान को चढ़ाये जाने वाला प्रसाद शिवलिंग पर न चढ़ाए। पात्र में रखकर भगवान को मिठाई और फल आदि अर्पित कर दक्षिणा चढ़ाएं। शिव मंदिर की आधी परिक्रमा करें। एकांत स्थान में बैठकर ऊ नम: शिवाय मंत्र का 108 बार जप करें। इससे मनोकामना पूर्ण होगी।
शिवरात्रि कल, यह पूजन का शुभ मुहूर्त
सहारनपुर। बृहस्पतिवार को शिवरात्रि है। प्रात: सूर्योदय के साथ 5:45 से 7:25 बजे तक पहला शुभ मुहूर्त है। उसके बाद 10:45 से 12:25 तक दूसरा शुभ मुहूर्त हैं। कांवड़ लाने वाले शिवभक्तों के लिए शुभ मुहूर्त शाम 7:25 से शुरू होकर मध्यरात्रि तक रहेगा।