सहारनपुर। मुख्यमंत्री समग्र विकास योजना में चयनित 51 गांवों में विकास की बात तो दूर अधिकारी अभी तक गांव जाने तक का समय नहीं निकाल सके। मोबाइल फोन पर ही प्रधानों से बात कर विकास का खाका तैयार किया गया। मार्च के पहले सप्ताह में इन गांवों की सूची शासन को भेजी गई थी, मगर अब तक अधिकारियों ने मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाली इस कार्ययोजना को गंभीरता से नहीं लिया है। गांवों में 17 विभागों द्वारा विकास के 24 कायऱ कराए जाने हैं। हकीकत यह है कि चयन के दो माह बाद भी किसी गांव में विकास कार्य शुरू नहीं हो पाए। गंगोह ब्लॉक के गांव बीनपुर के प्रधान राजीव ने बताया कि आज तक कोई अधिकारी गांव में नहीं आया है। कोई काम शुरू नहीं हो सका। गांव में अस्पताल नहीं है। युवाओं को रोजगार के लिए भी कोई कदम नहीं उठाया। गांव शकरपुर निवासी दीपक सैनी का कहना है कि एक स्कूल मात्र पांचवीं तक है। इससे आगे की शिक्षा के लिए बच्चों को आठ किलोमीटर दूर गंगोह जाना पड़ता है। गांव जेहरा निवासी कुलदीप ने बताया कि योजना के अंतर्गत कोई कार्य नहीं हुआ। रामपुर मनिहारान ब्लॉक के गांव अहमदपुर की प्रधान मीनू ने बताया कि योजना में उनके गांव का चयन हुआ था, जिसके तहत तमाम विकास कार्य होने थे। मगर, अधिकारियों ने मात्र फोन पर ही गांव के बारे में जानकारी लेकर विकास कार्यों का खाका तैयार कर लिया। गांव मुंडीखेड़ी का भी यही हाल है। विक्रम, राजेश, सत्यम, ईश्वरपाल कहना है कि योजना में सिर्फ कागजी खानापूर्ति हुई। धरातल पर सबकुछ हवा-हवाई है।
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मूलभूत सुविधाओं को तरस रहे लोग
बड़गांव क्षेत्र के गांव अंबेहटाचांद, टपरी, नानौता ब्लॉक के गांव चिराऊ, जड़ौदापांडा शब्बीरपुर का हाल भी बुरा है। ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं को भी तरस रहे हैं। अंबेहटाचांद निवासी सतीश, राजेंद्र, श्रीपाल कहना है कि गांव की नालियां अटी पड़ी हैं, जिस कारण बरसात के पानी की निकासी नहीं हो पाती। हल्की बरसात में सड़कें तालाब का रूप धारण कर लेती हैं। जगह-जगह गंदा पानी भरा है, जिससे बीमारियों का खतरा बना है।
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गांवों में कराए जाने यह काम
सहारनपुर। लोक निर्माण विभाग संपर्क मार्ग का निर्माण कराएगा। ऊर्जा विभाग ग्रामीण विद्युतीकरण की व्यवस्था करेगा। पंचायत राज विभाग द्वारा शौचालय, पक्की गलियां, नालियों का निर्माण कराएगा। ग्राम्य विकास विभाग को स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था करेगा। साथ ही समुचित जलापूर्ति और हैंडपंप लगेंगे। बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा उच्च प्राथमिक विद्यालयों की स्थापना और राष्ट्रीय साक्षरता मिशन के तहत काम कराएगा। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण करेगा। महिला कल्याण विभाग द्वारा विधवा महिलाओं को पेंशन दिलवाने की योजना है। जिला समाज कल्याण विभाग वृद्धावस्था और किसान पेंशन वितरण करेगा। व्यावसायिक शिक्षा विभाग कौशल विकास के कार्यक्रम आयोजित करेगा। ताकि बेरोजगार नौजवानों को रोजगार के अवसर प्राप्त हो सकें। दिव्यांग सशक्तिकरण विभाग दिव्यांगजन पेंशन की व्यवस्था करेगा। वन विभाग द्वारा पौधरोपण कार्यक्रम संचालित करेगा। खाद्य एवं रसद विभाग राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के कार्यक्रम संचालित करेगा। अतिरिक्त उर्जा स्त्रोत विभाग वैकल्पिक मार्गों पर पथ प्रकाश की व्यवस्था करेगा। ग्राम्य विकास विभाग मनरेगा, तालाबों का जीर्णोंद्धार करेगा। दुग्ध विकास विभाग डेयरी प्रसंस्करण कराएगा। कृषि विभाग किसान क्रेडिट कार्ड, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, कृषि यांत्रिकीकरण, प्रमाणित बीज वितरण, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन की योजनाएं संचालित करेगा।
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इन गांवों का हुआ था चयन
सहारनपुर। ब्लॉक साढ़ौली कदीम के गांव हथौली, बहरामपुर, मलकपुर, मुजफ्फरानबर गांव मांझीपुर, नौरंगपुर, मुजफ्फरपुर, औरंगाबाद, खुशहालीपुर, शेरपुर ख्वाजा, अल्हेड़ी, गणेशपुर, थापुल इस्माइलपुर, कालूवाला पहाड़ीपुर, बलियाखेड़ी के गांव सुभरी मेहराब, खजूरी अकबरपुर, भलस्वाईसापुर, पुवांरका के लशकरपुर उर्फ चमारीखेड़ा, मेहरबानी, नागल के बिलासपुर शेखपुर, पनियाली, कासमपुर, भाटौल, दुगचाड़ा, कौरवा, भरतपुर, देवबंद के असदपुर करंजाली, गुनारसी, दूधली, जड़ौदाजट, रामपुर मनिहारान के अहमदपुर, मुंडीखेड़ा, टपरी, अंबेहटा चांद, नानौता के चिराऊ, जड़ौदापांडा, शब्बीरपुर, बडूली नयागांव, लंढौरा, नकुड़ के सरूरपुर, मोहिद्दीनपुर, साल्हापुर, फेरूमजरा, छत्रपुर, गंगोह के मोहड़ा, शकरपुर, बीनपुर, डूभर किशनपुर, मोहम्मदपुर गुर्जर, दूधला, बाईखेड़ा और जैहरा गांव का चयन हुआ था।
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मुख्यमंत्री समग्र विकास योजना के तहत चयनित सभी गांवों में विकास कार्य कराए जा रहे हैं। इसके लिए अलग से कोई बजट नहीं हैं। इसके लिए विभागों को कार्यों की सूची भेजी गई है। इस मामले में संबंधित अधिकारियों से जल्द ही गांवों में हुए कार्यों की सूची मांगी जाएगी।
चंद्रशेखर, परियोजना निदेशक