कुआंखेड़ा के संगम पर श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी
नानौता। कार्तिक मास की पूर्णिमा के अवसर पर नानौता क्षेत्र के ग्राम कुआंखेडा के बाहरी छोर बने गंगा- यमुना के पवित्र संगम पर क्षेत्र और दूरदराज से आये लोगों ने स्नान, दीपदान, हवन, यज्ञ कर पुण्य कमाया।
शनिवार को पूर्णिमा के अवसर पर धार्मिक महत्व के दृष्टिगत काफी संख्या में पहुंचे श्रृद्धालुओं ने मां गंगा की आरती व हर-हर गंगे के जयघोष से सूने संगम स्थल पर मंगल दिखाई दिया। इस दौरान श्रृद्धालुओं ने पूजा अर्चना कर फूल, दिये और पैसे संगम में डालकर प्रवाहित कर सुख समृद्धि की मनोकामना मांगी। उधर, कार्तिक पूर्णिमा के दिन सुबह से ही महिलाओं और श्रद्धालुओं की लंबी लंबी कतारें मंदिरों में देखी गई। जहां पर भगवान कार्तिकेय को तेल से नहलाकर उन्हें प्रसन्न किया गया और उनसे मन्नते मांगी गई। नगर के देवबंद रोड कालोनी, संतोष विहार, गंगोह रोड सहित अन्य मंदिरों में भी विशेष पूजा-अर्चना की गई।
कुआंखेड़ा संगम क्षेत्र में करीब आठ वर्ष पूर्व बना तो दूरदराज एवं क्षेत्रवासियों ने सोचा था कि अब हरिद्वार या इलाहाबाद जाने की आवश्यकता नहीं रहेगी। लेकिन प्रशासन और सिंचाई विभाग अधिकारियों की बेरुखी का आलम यह है कि आज तक संगम स्थल पर न तो वहां भीषण गर्मी में या फिर सर्दी में बैठने के लिए कोई कमरा या टीनशेड नहीं बनवाया गया और न ही महिला श्रद्धालुओं के लिए वस्त्र बदलने के लिए कोई इंतजाम ही किए गए हैं। इसके चलते महिलाओं की स्नान करने में भारी परेशानी हो रही है। इतना ही नहीं, बसों से यात्रा कर संगम पर नहाने आने वाले श्रद्धालुओं को दिल्ली-सहारनपुर हाईवे से करीब छह किलोमीटर की दूरी पैदल चलकर पूरी करनी पड़ती है। वापसी भी पैदल ही करनी पड़ती है। प्रशासन द्वारा संगम स्थल पर लोगों को लाने व लाने वाले वाहनों की कोई व्यवस्था नहीं की गई है।