सहारनपुर। पॉक्सो एक्ट के मामलों में आरोपियों को सजा दिलाने के लिए मजबूत पैरवी करने की दिशा में पुलिस लगातार आगे बढ़ रही है। हर जिले में इन मामलों की मॉनिटरिंग के लिए अलग से सेल का गठन कर दिया गया है। मंगलवार को पुलिस महानिदेशक ने इस संबंध में वीडियो कांफ्रेंसिंग करके त्वरित कार्रवाई के लिए निर्देश भी दिए।
नाबालिगों से होने वाले यौन अत्याचार के मामलों में पॉक्सो एक्ट के तहत जितने भी केस दर्ज हुए हैं, उनमें से प्रत्येक रेंज स्तर पर 10 मामले चिह्नित किए गए हैं। इन मामलों में प्राथमिकता के आधार पर विवेचना पूरी करके चार्जशीट दाखिल करने से लेकर आरोपियों को सजा दिलाने के लिए पीड़ित, गवाह और अन्य लोगों के बयान भी दर्ज कराने में गंभीरता लाई जानी है। इसी उद्देश्य से प्रत्येक जिले में इन मामलों की निगरानी के लिए मॉनिटरिंग सेल का गठन कर दिया गया है और उस सेल का प्रभारी इंस्पेक्टर को बनाया गया है। प्रभारी की जिम्मेदारी होगी कि वह चिह्नित मामलों में हुई विवेचना, गवाह और पीड़ितों के बयान कराएंगे तथा उसमें आ रही किसी भी प्रकार की दिक्कत के बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत कराएंगे। मंगलवार को पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने सभी रेंज स्तर पर वीडियो कांफ्रें सिंग के जरिए पॉक्सो एक्ट के मामलों को लेकर दिशा निर्देश दिए। पुलिस महानिरीक्षक सहारनपुर शरद सचान के कार्यालय में रेंज के तीनों जिले के पुलिस अधिकारियों, मॉनिटरिंग सेल प्रभारी, पैरोकारों के साथ ही सहायक शासकीय अधिवक्ता विक्रम सिंह वर्मा को भी बुलाया गया था।