उत्तरप्रदेश बिजनौर लोकसभा क्षेत्र के सपा प्रत्याशी और पूर्व सांसद अमीर आलम के हड़काने के बाद शाहपुर थानाध्यक्ष को दौरा पड़ गया और वह बेहोश हो गए।
एसओ का आरोप है कि अमीर ने उन पर बेजा दबाव बनाया और धमकी दी। दूसरी ओर अमीर ने सिफारिश करने को अपना अधिकार बताते हुए धमकी के आरोपों से इनकार किया है।
थाना क्षेत्र के गांव बसीकलां में गो-तस्करी के एक मामले में दरोगा रामनाथ पाराशर का ट्रांसफर रतनपुरी थाने किया गया था। थानेदार शोएब खान ने कांवड़ यात्रा के मद्देनजर दरोगा की रवानगी नहीं की। एक स्थानीय नेता की शिकायत पर रविवार को पूर्व सांसद अमीर आलम ने एसओ को फोन कर दरोगा पाराशर को रिलीव नहीं करने पर हड़का दिया।
आरोप है कि देख लेने की धमकी तक दी गई। इसी के बाद थानेदार की हालत बिगड़ गई और उनके हाथ से मोबाइल छूट गया। एसओ शोएब खान बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़े, तो थाने में अफरातफरी मच गई।
पुलिसकर्मियों ने एसओ को आनन-फानन में एक निजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया। डॉक्टर ने एसओ को तनावग्रस्त बताते हुए आराम की सलाह दी गई है।
मामले की जानकारी आला अफसरों को दी गई। एसएसपी मंजिल सैनी उत्तराखंड कांवड़ यात्रा मीटिंग में गई हुई थीं। एसपी क्राइम कल्पना सक्सेना ने इस मामले में कोई टिप्पणी करने से इंकार करते हुए सिर्फ इतना बताया कि एसओ की ओर से ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली है।
‘फोन पर पूर्व सांसद अमीर आलम ने धमकी दी है। मैं साफ-सुथरा काम करता हूं। दरोगा को रिलीव करने के लिए मुझे दबाव में लेने की कोशिश की गई है।’
शोएब खान, एसओ शाहपुर
‘थानेदार से दरोगा को नियमानुसार रिलीव करने का आग्रह किया था, कोई धमकी नहीं दी। इतना कहने पर अगर एसओ बेहोश हो जाता है, तो उसे इस पद पर रहने का अधिकार नहीं है। समाजहित में सिफारिश करना हमारा काम है।’
अमीर आलम, सपा प्रत्याशी बिजनौर लोक सभा