फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

'बकवास हैं': सैम पित्रोदा की नस्लीय टिप्पणी पर भड़के रॉबर्ट वाड्रा, अमेठी से चुनाव में न खड़े होने पर भी बोले

Thu, 09 May 2024 02:03 PM IST
शाहरुख खान एएनआई, अमेठी

सार

सैम पित्रोदा की नस्ली टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए रॉबर्ट वाड्रा ने इसे बकवास बताया है। उन्होंने कहा कि कोई आदमी जो इतना पढ़ा लिखा है वो कैसे कह सकता है।
विज्ञापन
Robert Vadra - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के पूर्व चेयरमैन सैम पित्रोदा की नस्ली टिप्पणी पर घमासान मचा है। विरासत विवाद के बाद एक अंग्रेजी अखबार को दिए इंटरव्यू में सैम ने नया विवाद खड़ा कर दिया। उन्होंने कहा था कि भारत में पूर्व के लोग चीनी जैसे लगते हैं तो दक्षिण में लोग अफ्रीकी लगते हैं। वहीं पश्चिम में लोग अरबी लगते हैं और उत्तर भारतीय गोरे होते हैं। 
विज्ञापन


जब बयान ने तूल पकड़ा तो उन्हें कांग्रेस से इस्तीफा देना पड़ा। अब उनके बयान पर प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। इसी कड़ी में रॉबर्ट वाड्रा ने कहा कि जब आप इस (गांधी) परिवार से जुड़े होते हैं, तो बड़ी ताकत के साथ बड़ी जिम्मेदारी भी आती है, आपको कोई भी कदम उठाने से पहले सोचना होगा। सैम पित्रोदा ने जो कहा है, उससे मैं बिल्कुल असहमत हूं। 

उन्होंने बकवास की बात की है। जो व्यक्ति इतना पढ़ा-लिखा हो वह ऐसा कैसे कह सकता है? वे राजीव गांधी के बहुत करीबी थे लेकिन उन्हें थोड़ा जिम्मेदार होना चाहिए। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा प्रयास कर रहे हैं लेकिन उनके एक बयान से भाजपा को अनावश्यक मुद्दे उठाने का मौका मिल गया।
विज्ञापन
Trending Videos

वहीं, वाड्रा ने कहा कि मैं किसी को जवाब देने के लिए राजनीति में नहीं आना चाहता। मैं देश के लोगों की सेवा करना चाहता हूं, इसलिए शायद यह राज्यसभा के माध्यम से हो। मैं देश भर के लोगों के लिए काम करता रहूंगा और अमेठी, रायबरेली और मुरादाबाद की यात्रा करूंगा क्योंकि उनका आशीर्वाद पाकर मुझे बहुत खुशी होती है। इसलिए मैं निश्चित रूप से कुछ समय बाद सक्रिय राजनीति में शामिल हो जाऊंगा। 

यह पूछे जाने पर कि क्या राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के बीच कुछ गलतफहमी है, रॉबर्ट वाड्रा ने कहा, "कभी नहीं। मैंने उनके बीच किसी भी तरह का कोई मुद्दा नहीं देखा है। अगर उनके पास किसी तरह का तर्क है, तो यह स्वस्थ तर्क है कि हम देश के लिए कुछ बेहतर कैसे कर सकते हैं। कोई भी पद और कोई भी शक्ति उनके या मेरे बीच किसी भी तरह की गतिशीलता को नहीं बदल सकती है। लोगों ने माना कि मैं बहुत परेशान था क्योंकि मुझे अमेठी से लड़ने का मौका नहीं मिला। मेरे लिए इसका कोई मतलब नहीं है। मुझे परिवार में किसी भी व्यक्ति के बीच किसी भी तरह का कोई मुद्दा नहीं दिखता। हम पूरे देश के लिए मिलकर काम करेंगे। 

रॉबर्ट वाड्रा चुनाव क्यों नहीं लड़ेंगे, इसके जवाब में रॉबर्ट वाड्रा ने कहा, "मैं खुश हूं कि केएल शर्मी अमेठी से और राहुल गांधी रायबरेली से चुनाव लड़ रहे हैं। मैं काफी लोगों से मिलता हूं। और जहां भी मैं गया हूं लोगों को लगता है कि मुझे सक्रिय राजनीति में आना चाहिए। हमने काफी मेहनत की और 2004 में हम सोनिया गांधी को अमेठी से जीता कर लाए तब से लोगों ने हमें बहुत प्यार, इज्जत दी।

 

मैं गांधी परिवार का सदस्य हूं और दुनिया से लोग आते हैं तो उनकी इच्छा होती है कि वे हमसे मिले। मैं बराक ओबामा, नेल्सन मंडेला से भी मिला हूं तो लोग उनके साथ भी आरोप लगा सकते हैं। आपके बारे में भी हमारे पास कई जानकारी होती है लेकिन हमने कभी इसे सार्वजनिक नहीं की, क्योंकि मैं महिलाओं के बारे में कभी कुछ नहीं कहता हूं। मैंने(स्मृति ईरानी) उनसे कहा कि अडानी को लेकर मेरे खिलाफ कुछ भी साबित करें लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।
 
विज्ञापन

हिमाचल प्रदेश के मंडी से भाजपा उम्मीदवार कंगना रनौत के बारे में रॉबर्ट वाड्रा कहते हैं, "राजनीति में कौन आना चाहेगा जब आपको यह नहीं पता कि देश का पहला प्रधानमंत्री कौन था? तुलना खुद ही सामने आ रही है। अगर आप दोनों पार्टियों की तुलना करेंगे तो आपके पास ऐसा उम्मीदवार कैसे हो सकता है जो यह नहीं जानता कि पहला प्रधानमंत्री कौन था। सीखिए, अध्ययन कीजिए, समझिए और फिर सार्वजनिक जीवन में आइए। यह दिखने में अच्छा लगने या संसद सदस्य का खिताब पाने के बारे में नहीं है, यह इस बारे में है कि आप आज लोगों के लिए क्या कर सकते हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें