उत्तरप्रदेश के बदायूं में पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के सालों के घर पर दबंगों ने फिर फिर धावा बोला। उन्होंने छत पर चढ़कर मकान की मुंडेर तोड़ दी। आरोपी पक्ष गांव से फरार हो गया है।
गौर हो कि बीते दिन भी आरोपियों ने इन्हें जलाने की कोशिश की थी। एसपी देहात ने गांव पहुंचकर मौका मुआयना किया और स्थानीय लोगों के बयान दर्ज किए।
लड़की भगाने के विवाद में बेहटा कोड़ा गांव में पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के रिश्तेदारों पर बुधवार को कुछ लोगों ने तैलीय पदार्थ डालकर जिंदा जलाने का प्रयास किया था।
गुरुवार को फिर से कुछ लोगों ने उनके बंद घर पर चढ़ाई कर दी। यह लोग बंद घर की छत पर चढ़ गए और मुंडेर का कुछ हिस्सा गिरा दिया। ईंटें आंगन में गिरीं तो वहां रखा कुछ घरेलू सामान क्षतिग्रस्त हो गया। इसके बाद आरोपी फरार हो गए।
दोबारा हंगामे की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची पर कोई आरोपी नहीं मिला। एसपी देहात ओमप्रकाश यादव ने भी घटनास्थल देखा। उन्होंने छत पर चढ़कर मकान की स्थिति का जायजा लिया। इसके अलावा उन्होंने बुधवार को घर के मेनगेट पर आग लगाने को डाले गए मोबिल ऑयल को भी देखा।
उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों से घटना के बारे में बात की। पता चला कि पूर्व सीएम कल्याणसिंह के चंदौसी में रहने वाले साले श्यामलाल की विधवा पुत्री हंसावती ससुराल बेहटाकोड़ा में रहती है।
पड़ोस में रहने वाली एक लड़की के गांव से गायब होने के मामले में हंसावती को सहआरोपी बनाया गया है।
श्यामलाल और उनके भाई विजयपाल इसी मामले में दोनों पक्षों में सुलह कराने बुधवार को यहां आए थे, तभी उनपर हमला हुआ। इस मामले में पुलिस ने नौ लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया था। इनमें पांच महिलाएं शामिल हैं। गुरुवार को गांव गए एसपी देहात ने ग्रामीणों के बयान भी लिए।
उन्होंने पाया कि आरोपी पक्ष के घरों में भी ताले लटके हैं। उन्होंने कोतवाली पुलिस को आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए। इस बीच भाजपा नेताओं ने इसे गंभीर घटना बताते हुए कार्रवाई नहीं होने पर पार्टी स्तर पर आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी है।
गांव का दौरा किया है। पीड़ित के घर में मुंडेर तोड़ने का वाकया बुधवार को हुआ या गुरुवार को, इसकी जांच करा रहे हैं। वहां आरोपी पक्ष फरार है, उनके घरों में ताले पड़े हैं। इनकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।
जिंदा जलाने के प्रयास जैसी स्थिति नहीं मिली। हां, लड़की पक्ष के लोग इन्हें कई दिन बाद अचानक गांव में देखकर भड़क गए थे, इसलिए इनसे मारपीट कर दी। दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है, इन्हें सख्त सजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा। - ओमप्रकाश यादव, एसपी देहात
कल्याण सिंह ने भी किया अफसरों को फोन
रिश्तेदारों पर हमले के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने खुद अधिकारियों को फोन करके घटना की जानकारी ली और त्वरित कार्रवाई की अपेक्षा की। डीजीपी कार्यालय से लेकर आईजी कार्यालय तक से लगातार फोन आए और हर बार पूरी घटना के बारे में विस्तार से पूछा गया।
उनके साले और हमले में बचे विजयपाल ने अमर उजाला को बताया कि दोनों ही पक्ष उनके रिश्तेदार हैं। वह मामले में समझौता कराने गए थे न कि झगड़ा करने। जबकि दूसरे पक्ष ने उनकी जान लेने का प्रयास किया।