गुनाह की दलदल में फंसे बंदियों को सलाखों से आजादी का सुनहरा मौका मिला है। उत्तर प्रदेश की जेलों में विशेष साक्षरता अभियान शुरू किया गया है।
इसमें शामिल होने वाले बंदियों को एक सत्र में सजा में 99 दिन की छूट मिलेगी। प्रदेश के छह केंद्रीय कारागार समेत कुल 64 जेलों में करीब सात हजार बंदियों ने साक्षरता कक्षाओं में रजिस्ट्रेशन कराया है।
ये कक्षाएं जेल की बैरकों मे ही संचालित हो रही हैं। इनमें पढ़ाने वाले भी बंदी ही हैं जिन्हें खुद भी सजा में छूट का प्रावधान है।
एक जुलाई से शुरू हुए इस विशेष सत्र में मुरादाबाद जिला कारागार में अभी तक 126 बंदी साक्षरता कक्षा में पंजीकरण करा चुके हैं। तीन बंदी इग्नू से पोस्ट ग्रेजुएशन कर रहे हैं, एक ग्रेजुएशन में है जबकि एक इंटरमीडिएट की पढ़ाई कर रहा है। जूनियर हाईस्कूल में 23 बंदियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। जबकि कक्षा पांच में भी 12 बंदियों ने नाम दर्ज कराया है।
सात लोगों की हत्या करने वाली बनी टीचर
बावनखेड़ी में प्रेमी के साथ अपने ही परिवार के सात लोगों की गला काटकर हत्या करने वाली शबनम समेत कुल सात बंदी टीचर की भूमिका निभा रहे हैं। जबकि केंद्रीय कारागार आगरा, बरेली, फतेहगढ़, इलाहाबाद, आदर्श कारागार लखनऊ, वाराणसी में अलग से शिक्षकों की व्यवस्था भी की गई है।
सत्र समाप्त होने पर साक्षरता कक्षाओं में शामिल सभी बंदियों का रिकार्ड आईजी जेल को भेजा जाएगा। आईजी जेल की अध्यक्षता वाली कमेटी इन बंदियों की सजा में छूट का आदेश जारी करेगी।