यूपी में प्रतापगढ़ के एसपी कार्यालय परिसर में बृहस्पतिवार को हुई एक घटना ने फिर यूपी पुलिस का अमानवीय चेहरा सामने ला दिया।
इंसाफ की गुहार लेकर एसपी दफ्तर पहुंची अंतू थाना क्षेत्र निवासी दुराचार पीड़िता को एएसपी ने इस कदर फटकार लगाई कि वह कार्यालय परिसर में ही बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ी।
अफसर के इस व्यवहार से नाराज वकीलों ने हंगामा शुरू किया तो आननफानन में पीड़िता को अस्पताल भेजा गया।
पीड़िता के भाई का आरोप है कि 20 हजार रुपये न देने पर ही पुलिस ने रेप की एफआईआर नहीं दर्ज की। हालांकि अंतू थाना प्रभारी का कहना है कि युवती को बहला-फुसलाकर भगाने और दुराचार का मामला दर्ज कर लिया गया है। देर शाम तक किशोरी का मेडिकल नहीं कराया जा सका था।
अंतू इलाके की पीड़िता जब भाई के साथ एसपी कार्यालय पहुंची, उस समय एसपी दफ्तर में मौजूद नहीं थे। युवक ने अपर पुलिस अधीक्षक राममूर्ति यादव को शिकायती पत्र सौंपा।
इसमें आरोप लगाया गया था कि दो युवकों ने उसकी बहन को बंधक बनाकर उससे दुष्कर्म किया। शिकायती पत्र में कहा गया है कि उसकी मुंबई में लांड्री चलती है। इन दिनों उसकी मां वहीं थी।
लांड्री में सुल्तानपुर जिले के पीपरपुर थाना क्षेत्र स्थित अवझी गांव निवासी हौंसिला भी काम करता है। युवक का आरोप है कि 19 जुलाई को वह मजदूरी करने गया था। इसी बीच हौंसिला उसके घर पहुंचा।
उसने घर पर मौजूद उसकी बहन को बताया कि मुंबई से लौटते वक्त रास्ते में उसकी मां का एक्सीडेंट हो गया है और वह अस्पताल में भर्ती है। इस पर बहन उसके साथ चली गई।