दिल्ली में अपने प्रेमी के साथ पुलिस के हाथ लगी किशोरी अपने बयान से पलट गई है। पहले उसने पिता पर रेप का आरोप लगाया था लेकिन उसके ताजा बयान में उसका आरोप है कि उसके साथ पकड़े गए किशोर और उसके जीजा ने उससे रेप किया था।
बार-बार बदलते बयान में सही क्या है और गलत क्या? इसका फैसला पीड़िता के मजिस्ट्रेट के सामन कलमबंद बयान से होगा। पुलिस की ओर से बुधवार को बयान दर्ज कराने की कवायद पूरी नहीं हो पाई। वहीं अभी पीड़िता का मेडिकल परीक्षण भी पूरा नहीं हो पाया है।
दिल्ली के कमला नगर मार्केट पुलिस के हाथ लगी खंडासा थाना क्षेत्र निवासी हाईस्कूल की 16 वर्षीय छात्रा ने अपने पिता पर तीन साल तक यौन शोषण का आरोप लगा हलचल मचा दी थी।
अपने साथ पकड़े गए गांव के ही एक किशोर को प्रेमी के बजाय अपना मददगार बताया था। किशोरी के आरोप के बाद वहां की पुलिस ने उसके पिता के खिलाफ दुराचार में नामजद रिपोर्ट दर्ज की थी।
साथ ही बाल कल्याण बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत करने के बाद नारी संरक्षण गृह भेजा था और तीन जून को उसके परिजनों को तलब किया था। सीडब्लूसी के समक्ष मां व अन्य के पहुंचने के बाद किशोरी अपने बयान से पलट गई और प्रेमी के बहकावे में पिता पर घिनौना आरोप लगाने की बात कही।
जिसके चलते बोर्ड ने किशोरी को उसकी मां के हवाले कर दिया। प्रकरण में पिता की ओर से खंडासा थाने में गांव के ही रहने वाले राजू पुत्र देवीप्रसाद के साथ उसके मां-बाप के खिलाफ बहला-फुसलाकर भगा ले जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
दिल्ली में दर्ज मामला भी तफ्तीश के लिए थाने पहुंच गया है। खंडासा थाना पुलिस को दिए गए बयान में किशोरी ने अपने प्रेमी गांव निवासी राजू के साथ रुदौली निवासी उसके जीजा को भी लपेटे में लिया है।
आरोप है कि 22 मई को अगवा करने के बाद उसे राजू के जीजा के यहां बंधक बनाकर रखा गया और जीजा ने भी उसके साथ दुराचार किया।
पीड़िता के बदलते बयान को लेकर असमंजस में फंसी पुलिस पीड़िता का मजिस्ट्रेट के समक्ष कलमबंद बयान दर्ज कराने की कवायद में जुट गई है। बुधवार को पीड़िता को बयान दर्ज कराने के लिए कचहरी लाया गया ता, लेकिन बयान दर्ज नहीं हो पाया।
मामले के विवेचक खंडासा थाना क्षेत्र के दरोगा श्रवण कुमार तिवारी का कहना है कि दिल्ली में कराए गए मेडिकल परीक्षण में दुराचार की पुष्टि हुई है।
यहां अभी मेडिकल परीक्षण पूरा नहीं हो पाया है। पीड़िता की ओर से यहां दर्ज मामले के आरोपी राजू समेत उसके रिश्तेदार पर भी दुराचार का आरोप लगाया गया है। बुधवार को कलमबंद बयान दर्ज कराने ले गए थे, लेकिन बयान नहीं हो पाया। बयान दर्ज होने के बाद ही विधिक स्तर पर आरोपों की पुष्टि हो सकेगी।