मुरादाबाद के भगतपुर के गांव में वहशीपन की हदें पार कर दी गईं। महिला कौन थी? यह तो अबतक पता नहीं चल सका, लेकिन उसके साथ हुई दरिंदगी रोंगटे खड़े करने वाली है। मंगलवार को जब उसकी लाश मिलने के बाद पोस्टमार्टम हुआ तो सभी सन्न रह गए। वह पांच माह की गर्भवती थी और उसकी रेप के बाद गला घोंटकर हत्या की गई थी। पहचान मिटाने के लिए चेहरे पर तेजाब डाला गया था। हाथ पर लिखा मिला था आईएसजेड। अब यह महिला ने लिखा या दरिंदे ने यह रहस्य है।
भगतपुर के गांव पदियानगला में ग्रामीणों ने सड़क किनारे गन्ना सेंटर के पास एक पचीस वर्षीय युवती का शव पड़ा देखा था। उसके हाथों में मेहंदी लगी थी। एक हाथ पर आईएसजेड लिखा था। चेहरा तेजाब से जलाया गया था। पुलिस ने शव की पहचान कराने के लिए तुरंत आसपास के गांवों से लोगों को बुलाया। कामयाबी न मिलने पर शाम को शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। जब रिपोर्ट आई तो पुलिस के होश उड़ गए।
युवती पांच माह की गर्भवती थी। एक बच्ची का शव उसकी कोख से निकाला गया। लिहाजा माना जा रहा है कि युवती की या तो शादी हो चुकी थी, या होने वाली थी। डाक्टरों की मानें तो युवती का गला घोंटने के बाद उसके चेहरे पर तेजाब डाला गया है। बलात्कार के लक्षण मिले हैं, लिहाजा स्लाइड बना ली गई है।
आखिर कौन थी वह युवती?
पहनावे से वह किसी अच्छे परिवार की प्रतीत हो रही थी। पैरों में पाजेब, ड्रेस के अलावा मेहंदी और अन्य बातों से भी पुलिस यही अंदाजा लगा रही है। कहीं युवती की हत्या की वजह उसका गर्भवती होना तो नहीं? पुलिस इस बिंदु पर भी जांच कर रही है।
दिल्ली कांड के बाद नहीं मिल पाई सुरक्षा
दिल्ली कांड के पास हल्ला तो खूब मचा, लेकिन महिलाओं को सुरक्षा नहीं मिल पाई। जिले का निजाम बदला तो उम्मीद जगी थी, लेकिन कुछ नहीं हुआ। शहर ही नहीं, गांव देहात कहीं भी महिलाएं और युवतियां सुरक्षित नहीं रह गईं। इस घटना ने फिर दावों की पोल खोल दी।
दर्जनों शव की नहीं हुई पहचान
हत्या की वजह से ज्यादा पुलिस की परेशानी युवती की पहचान कराना है। विदित हो कि भगतपुर में ही पिछले साल जालपुर हाल्ट के पास एक महिला और एक युवती की लाशें मिली थीं। पास ही एक मासूम बच्चा भी मिला था। पुलिस आज तक दोनों शवों की शिनाख्त नहीं करा सकी। इसी प्रकार मूंढापांडे में भी एक युवती की पानी में लाश मिली थी। उसके साथ भी रेप की आशंका थी। मझोला में मिला महिला का शव, भोजपुर में मिली लाश समेत कई और मामले भी अनसुलझे हैं।