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धनतेरस की पूजन विधि, शुभ मुहूर्त और क्या हो खरीददारी का सही समय

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रामपुर। दिवाली से पहले धनतेरस का त्योहार भी बेहद महत्वपूर्ण होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जब प्रभु धनवंतरी अमृत कलश लेकर प्रकट हुए तो वह तिथि धन त्रयोदशी के नाम से जानी जानें लगी और वह धनतेरस का दिन होता है। इस दिन बर्तन, सोने चांदी खरीदना बेहद शुभ होता है। धनतेरस के दिन धन्वंतरि देव, मां लक्ष्मी और कुबेर की उपासना की जाती है।
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इस बार धनतेरस दो नवंबर को है। श्री ज्वाला जी ज्योतिष संस्थान के आचार्य पंडित नरेंद्र मिश्रा ने बताया कि धनतेरस की पूजा का शुभ मुहूर्त मंगलवार शाम 06 बजकर 16 मिनट से 8 बजकर 11 तक है। शुभ मुहूर्त में मां लक्ष्मी, धनवंतरि और कुबेर की पूजा अर्चना करें।
सबसे पहले चौकी पर भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और कुबेर की प्रतिमा या फोटो स्थापित करें । इसके बाद दीपक धूप अगरबत्ती जलाएं फूल अर्पित कर जो भी बर्तन या गहने खरीदे हैं, वह उनके समक्ष रख दें। लक्ष्मी स्रोत, लक्ष्मी चालीसा और कुबेर यंत्र का पाठ करें और कुछ मीठे का भोग लगाएं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यदि धनतेरस के दिन शुभ मुहूर्त में और सही ढंग से पूजन-अर्चन किया जाए तो वर्ष पर्यंत मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है। इसके अलावा दोपहर बाद खरीदारी का विशेष महत्व है। इस दिन सोने चांदी बर्तन आदि खरीद सकते हैं।
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