पटवाई (रामपुर)। कोसी नदी के उफान के बाद नदियों का जलस्तर अब कम होने लगा है। इसके साथ ही रामगंगा और कोसी नदी ने कटान शुरू कर दिया है। पटवाई के मदारपुर स्थित सिद्घबाबा की समाधि की दीवार कटान की वजह से गिर गई। इसके साथ ही पूरे समाधि परिसर पर खतरा मंडरा रहा है। वहीं, सैदनगर क्षेत्र में भी कोसी नदी ने कटान शुरू कर दिया है। वहीं, समाधि गिरने की वजह से मूर्तियां खंडित हो गईं, जिस पर आक्रोशित ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर विरोध जताया।
कोसी नदी में रामनगर बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद रामपुर में बाढ़ आ गई थी। क्षेत्र के सैकड़ों गांव बाढ़ चपेट में आ गए, जिसमें तमाम गांवों में अब भी पानी भरा हुआ है। वहीं, कोसी नदी का जलस्तर कम होने लगा है। लिहाजा, अब नदी ने कटान शुरू कर दिया है। शुक्रवार को नदी में कटान होने की वजह से पटवाई क्षेत्र के मदारपुर घाट स्थित प्राचीन सिद्ध समाधि मंदिर की दीवार गिर गई। इस दौरान मंदिर परिसर में लगी भगवान शिव की मूर्ति भी पानी के तेज बहाव के कारण खंडित होकर नीचे गिर गईं। इस घटना के बाद से ग्रामीणों में आक्रोश फैलने लगा।
ग्रामीणों का कहना था कि समय रहते प्रशासनिक अधिकारी मंदिर के आसपास पत्थर लगा देते, तो न ही मंदिर की दीवार क्षतिग्रस्त होती और न मूर्तियां खंडित होतीं। इस दौरान आक्रोशित ग्रामीणों ने प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप था कि जब पहले से ही अधिकारियों को पता है कि यहां पर रामगंगा और कोसी नदी मिलकर कटान करती हैं। उन्होंने कोई बचाव करने क्यों नहीं किया। बाद में स्वयं ग्रामीण मंदिर के बचाव हेतु कट्टे और पेड़ों को लगाने लगे। हालांकि, बाद में सूचना पाकर सिंचाई विभाग के एसडीओ और जेई पहुंच गए। लेकिन, ग्रामीणों का आक्रोश कम होने का नाम नहीं ले रहा था। देर शाम तक ग्रामीण मंदिर को बचाने का प्रयास में लगे हुए थे।