मोहम्मद इस्लाम
स्वार। देश की आजादी के बाद से अब तक विधानसभा क्षेत्र स्वार में घूघा-पीलाखार नदी पर चार पुलों की दरकार है। यहां के लोग लकड़ी के बने अस्थायी पुलों पर सफर करने को मजबूर हैं। इन पुलों पर सफर करना खतरनाक है। वहीं, बारिश में यह पुल बह जाते हैं इससे लोगों को कई गांवों से संपर्क टूट जाता है। इससे कारोबार भी प्रभावित होता है।
पुल के अभाव में किसान न खेत जा पाते हैं और न ही बच्चे स्कूल। कई बार पुलों की मांग उठी तो नेताओं ने चुनाव में वादा किया और जीतने के बाद वादा भूल गए। यही हाल आज भी है। हालांकि, विधायक पुलों के लिए सरकार में पैरवी करने का दावा जरूर कर रहे हैं। घूघा नदी पर अब्बासनगर-हमीरपुर, छिद्दावाला और रुस्तमनगर निकट रायपुर में पुल की मांग ग्रामीण लंबे समय से कर रहे हैं। भगवंतनगर में पीलाखार नदी पर पुल की मांग है। यहां के लोग लकड़ी बांधकर अस्थायी पुल बना रखे हैं, जो वर्षाकाल में नदी के तेज बहाव में बह जाते हैं। पुल के अभाव में क्षेत्र की डेढ़ लाख आबादी प्रभावित है।