रामपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग के सहायक आयुक्त खाद्य ग्रेड-2 कुलदीप सिंह को मीट कारोबारी से 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए विजिलेंस टीम ने रंगे हाथों पकड़ लिया है। बरेली विजिलेंस टीम ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर उनको गिरफ्तार कर लिया है।
जानकारी के मुताबिक अजीमनगर थाना क्षेत्र के गांव बढ़पुरा शुमाली निवासी भगवत सरन मीट के कारोबारी हैं। उनका काम रिटेलरों को मीट की सप्लाई करना है। इसके लिए उन्होंने खाद्य सुरक्षा विभाग से मीट ट्रांसपोर्ट का लाइसेंस लिया हुआ था। आठ फरवरी को खाद्य सुरक्षा विभाग के सहायक आयुक्त खाद्य ग्रेड-2 कुलदीप सिंह ने उनका लाइसेंस निलंबित कर दिया था और एक नोटिस जारी कर कुछ कमियां बताईं थीं। नोटिस में बताई कमियों को मीट कारोबारी ने दूर कर दिया। आरोप है कि खाद्य सुरक्षा विभाग के सहायक आयुक्त खाद्य ग्रेड-2 कुलदीप सिंह ने मीट कारोबारी से एक लाख रुपये की रिश्वत मांगी, जिसे कारोबारी भगवत सरन ने देने से मना कर दिया। बाद में 30 हजार रुपये देने की बात तय हो गई।
मीट कारोबारी ने रिश्वत मांगने की शिकायत बरेली विजिलेंस से की। बुधवार को शिकायत पर विजिलेंस टीम बरेली से रामपुर पहुंची और गंगापुर आवास विकास में कुलदीप सिंह के बताए गए स्थान सेठी आवास के आसपास घेराबंदी कर की। तय समय पर कुलदीप सिंह के फोन करने पर मीट कारोबारी ने आकर 30 हजार रुपये की रिश्वत दी। विजिलेंस की टीम कुलदीप सिंह को रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया और बरेली लेकर चली गई। बरेली विजिलेंस टीम ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर किया है। वहीं बरेली विजिलेंस की अपर पुलिस अधीक्षक शैलजा मिश्रा ने भी मामले की पुष्टि करते हुए बताया है कि खाद्य सुरक्षा विभाग के सहायक आयुक्त खाद्य ग्रेड-2 कुलदीप सिंह को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया है।