रामपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की। वहीं, डीएम ने तैयारियों के बारे में जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अस्पतालों में मौजूद वेंटिलेटरों को शीघ्र ही क्रियाशील बनाया जाए।
शनिवार को मुुरादाबाद से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए जिले में कोविड-19 के संक्रमण से निपटने के लिए उठाए जा रहे प्रभावी कदम तथा कोविड संक्रमित लोगों को प्रदान की जा रही स्वास्थ्य सेवाओं के साथ साथ विभिन्न तैयारियों के बारे में विस्तृत समीक्षा की गई। वर्चुअल कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ से जिले में लॉकडाउन के दौरान लोगों की मूलभूत जरूरतों की आपूर्ति सुनिश्चित कराने और कोविड हॉस्पिटल में संक्रमित मरीजों को प्रदान की जा रही स्वास्थ्य सेवाओं आदि के बारे में जानकारी प्राप्त की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपद में मौजूद वेंटिलेटरों को क्रियाशील बनाया जाए, ताकि गंभीर रोगियों को तत्काल वेंटिलेटर की सुविधा मिल सके। निगरानी समितियों की सक्रियता पर विशेष जोर दिया जाए। साथ ही आरआरटी की संख्या में भी बढ़ोतरी होनी चाहिए। वर्तमान में दस्तक अभियान के अंतर्गत घर घर जाकर खांसी, जुकाम, बुखार एवं अन्य कोरोना वायरस के संक्रमण से मिलते जुलते लक्षणों वाले संक्रमित मरीजों को चिह्नित किया जा रहा है। इस अभियान में संदिग्ध मरीजों के नाम एवं मोबाइल नंबर की सूची निगरानी समितियों की देखरेख में तैयार कराई जाए, ताकि उन संदिग्ध मरीजों को मेडिकल किट मुहैया कराने के उपरांत उनके स्वास्थ्य में सुधार की नियमित मॉनिटरिंग की जा सके।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी पंचायत घर या सरकारी विद्यालयों में क्वारंटाइन सेंटर बनाए जाएं। उन्होंने कहा कि संदिग्ध लोगों का एंटीजन टेस्ट होना चाहिए तथा होम आइसोलेशन में रहकर अपना इलाज करा रहे मरीजों के स्वास्थ्य में सुधार की मॉनिटरिंग प्रतिदिन फोन के माध्यम से होनी चाहिए। सफाई, सैनिटाइजेशन और फागिंग की कार्यवाही को क्रमिक रूप से नियमित तरीके से कराया जाए।
ऑक्सीजन की उपलब्धता की समीक्षा के दौरान सीएम ने कहा कि प्राइवेट अस्पतालों में बेड की उपलब्धता के आधार पर आवश्यकतानुसार ही ऑक्सीजन मुहैया कराई जाए तथा ऑक्सीजन के दुरुपयोग एवं अवैध भंडारण पर रोक लगाई जाए। अंत्येष्टि स्थलों पर अवैध रूप से धनराशि लेने के मामलों पर भी प्रभावी रोकथाम के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि कोरोना के कारण होने वाली दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु पर मृतक के लिए शव वाहन की भी उपलब्धता सुनिश्चित होनी चाहिए।
कंटेनमेंट जोन में अनावश्यक आवागमन को सख्ती के साथ प्रतिबंधित करने के निर्देश दिए तथा कहा कि आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति के अलावा अन्य किसी भी प्रकार की गतिविधि कंटेनमेंट जोन में नहीं होनी चाहिए। प्रत्येक गेहूं क्रय केंद्र पर कोविड हेल्प डेस्क बनाई जाए, ताकि केंद्रों पर आने वालों की स्क्रीनिंग की जा सके। मास्क की अनिवार्यता और दो गज की दूरी के अनुपालन के लिए लोगों को जागरूक किया जाए। साथ ही वैक्सीनेशन की प्रक्रिया को भी प्रभावी तरीके से लागू कराने के निर्देश दिए।