आरोप है कि शव दिखाने से इनकार कर दिया गया। जिस पर परिजन भड़क गए और चीनी मिल आकर गेट पर हंगामा करने लगे। सूचना पर टांडा एसडीएम राजेश कुमार और चौकी इंचार्ज दढ़ियाल सतेंद्र मलिक भी मिल पहुंच गए।
त्रिवेणी चीनी मिल मिलक नरायनपुर में टैंक की सफाई के दौरान एक लेबर ठेकेदार और मजदूर बेहोश हो गए। आनन-फानन उन्हें मुरादाबाद के एक निजी अस्पताल में उपचार के लिए ले जाया गया। जहां दोनों की मौत हो गई। वहीं एक मृतक के परिजनों ने शव न मिलने का आरोप लगाते हुए चीनी मिल गेट पर हंगामा और प्रदर्शन कर दिया। घटना के बाद टांडा एसडीएम और चौकी इंचार्ज भी मिल पहुंच गए।
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टांडा थाना क्षेत्र के ग्राम चक दुली निवासी रविंद्र सिंह (28) और हाल निवासी उत्तराखंड काशीपुर के मोहल्ला सुभाष नगर व मूल रुप से बिजनौर जिले के अफजलगढ़ निवासी शीशराम (48) त्रिवेणी चीनी मिल में मजदूरी करते थे। शीशराम लेबर ठेकेदार थे। बुधवार को चीनी मिल में जल शोधन संयंत्र के बफर टैंक की सफाई का कार्य किया जा रहा था।
सुबह करीब साढ़े दस बजे रविंद्र सिंह और शीशराम एक बफर टैंक की सफाई करने के दौरान अचानक बेहोश हो गए। दोनों को चीनी मिल की एंबुलेंस से मुरादाबाद ले जाकर एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। लेकिन इलाज के दौरान दोनों की मौत हो गई। दोनों की मृत्यु की सूचना परिजनों को दी गयी जिसके बाद दोनों के परिजन मुरादाबाद पहुंच गए। यहां पर रविंद्र के परिजनों ने शव लेने और शव को दिखाने की बात कही।