क्षेत्र में बुखार से सात वर्षीय बालिका और महिला की मौत हो गई। दोनों कई दिन से बुखार से पीड़ित थी। मौत से परिजनों में कोहराम मच गया है। वहीं जिला पंचायत सदस्य सहित बड़ी संख्या में बुखार के रोगियों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
कस्बे के मोहल्ला भरतपुर निवासी फखरूद्दीन की सात वर्षीय बेटी गुलशन को सप्ताहभर पहले बुखार आया था। कस्बे में निजी चिकित्सक से इलाज का बाद भी सुधार नहीं होने पर काशीपुर(उत्तराखंड) ले जाया गया। रविवार की शाम बालिका की मौत हो गई। अब्दुल बारी की पत्नी शमीम जहां (40) को भी करीब एक माह से बुखार आ रहा था।
बाजपुर के विवेकानंद अस्पताल में सुधार नहीं होने पर एक सप्ताह पहले मुरादाबाद के श्री साईं अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां सोमवार की सुबह महिला की मौत हो गई। कस्बे में दो दिन में बुखार से दो मौत से हड़कंप मचा है। उधर, वार्ड आठ के जिला पंचायत सदस्य अली मंसूर फारूकी को तीन दिन पहले तेज बुखार आया था।
खून की जांच में प्लेटलेट्स कम होने पर रविवार को काशीपुर में जीवनरेखा अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसके अलावा कस्बे के इंतजार (35), फरहा नाज(14), सगीर(13), रईसा(40), कार्तिक(3), सूरजपाल(18), संस्कृति(7), मेशर जहां( 16), अहमद हसन(32) आदि बुखार के रोगी मलेरिया अथवा रहस्मय बुखार से पीड़ित हैं। स्थानीय पीचसी में दवाएं और चिकित्सक नहीं रहने से रोगियों को काशीपुर अथमा मुरादाबाद में भर्ती कराना पड़ रहा है।