रामपुर। गर्भवती महिला के पहले टीके से लेकर बच्चों को लगने वाले टीकों का डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाएगा। इसके लिए यू-विन पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पर जोर दिया जा रहा है। मोबाइल नंबर के आधार पर प्रत्येक लाभार्थी का रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है, जिससे उन्हें ट्रैक करना आसान होगा। साथ ही अगले टीके की सूचना मोबाइल के माध्यम से लोगों तक पहुंचेगी, जिससे वे समय से टीका लगवा सकें।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के प्रजनन और बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत डिजिटल प्लेटफाॅर्म यू-विन की शुरुआत की गई है। स्वास्थ्य विभाग प्रत्येक टीकाकरण कार्यक्रम में लाभार्थियों को इस पोर्टल पर पंजीकृत करा रहा है। इसके लिए एएनएम व आशा को निर्देशित किया गया है। टीका उत्सव के दौरान इस पोर्टल पर पंजीकरण कराने पर जोर है। यू-विन पोर्टल का उद्देश्य शत-प्रतिशत टीकाकरण कराना है। साथ ही छूटे बच्चे व गर्भवती महिलाओं को ट्रैक करना है। शून्य से पांच साल तक बच्चों को सात टीके लगाए जाते हैं। इसके बाद 10 व 16 वर्ष की उम्र पर टीटी का टीका दिया जाता है। इस उम्र तक बच्चे का रिकॉर्ड ट्रेक किया जाएगा और तय तिथि से पहले मोबाइल पर संदेश भेजकर टीके की जानकारी दी जाएगी। कार्ड खोने आदि के दौरान किसी का टीकाकरण बाधित नहीं होगा।
पंजीकरण कर रहीं एएनएम व आशा
जिले की सभी पीएचसी पर रोजाना टीकाकरण किया जा रहा है। टीकाकरण कार्यक्रम से एक दिन पहले एएनएम व आश ड्यू लिस्ट कोल्ड चेन को उपलब्ध कराती हैं। इस आधार पर उन्हें टीके दिए जाते हैं। टीका लगने के बाद प्रत्येक लाभार्थी की जानकारी पोर्टल पर अपडेट की जाती है।
टीका उत्सव में यू-विन पर पंजीकरण पर जोर दिया जा रहा है। लोग खुद भी पंजीकरण करा सकते हैं और टीके की संपूर्ण जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। डिजिटल रिकॉर्ड रखने से ट्रैकिंग आसान होगी। बीमारियों के खात्मे के लिए योजनाएं बनाने में भी मदद मिलेगी।
- डॉ. दीपा सिंह, सीएमओ