सिर्फ प्रस्ताव मंजूरी तक सिमट कर रह गया रामपुर के मेडिकल कॉलेज का निर्माण
आठ माह में एक बार आई निरीक्षण के लिए टीम, फिर भी नहीं शुरू हुआ काम
रामपुर। जिला अस्पताल में मेडिकल कॉलेज के निर्माण की प्रक्रिया सिर्फ प्रस्ताव मंजूरी तक सिमट कर रह गई है। करीब आठ माह पहले स्वीकृत हुए मेडिकल कॉलेज के निर्माण को लेकर सिर्फ एक बार ही टीम निरीक्षण के लिए आई है। इसके बाद काम ठंडे बस्ते में पड़ गया है। ऐसे में कोरोना की संभावित चौथी लहर में मेडिकल कॉलेज की सुविधा से लोग वंचित रह सकते हैं।
लखनऊ में दो सितंबर को हुई कैबिनेट की बैठक में रामपुर में जिला अस्पताल परिसर में मेडिकल कॉलेज के निर्माण को मंजूरी मिली थी, लेकिन आठ माह बाद भी मेडिकल कॉलेज का निर्माण शुरू नहीं हुआ है। स्वास्थ्य अधिकारियों की मानें तो करीब चार माह पहले एक टीम निरीक्षण के लिए आई थी। उसके बाद इस ओर किसी ने ध्यान नहीं दिया है। वहीं एक ओर कोरोना संक्रमण की संभावित लहर को लेकर स्वास्थ्य विभाग की तैयारी चल रही है, दूसरी ओर मेडिकल कॉलेज का प्रस्ताव ठंडे बस्ते में चला गया है।
क्या फायदा होगा मेडिकल कॉलेज बनने से
जिला अस्पताल को ही मेडिकल कॉलेज में तब्दील कर दिया जाएगा। इसके बाद यहां इलाज के साथ ही मेडिकल की पढ़ाई भी शुरू हो जाएगी। युवाओं को मेडिकल की पढ़ाई के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। मेडिकल कॉलेज में 500 बेड की सुविधा होगी। यहां तीन लैक्चर थियेटर बनाए जाएंगे। मेडिकल कॉलेज में फोरेंसिक लैब और फार्मेसी की भी जरूरत होगी, जिसे नर्सिंग सेंटर के सामने खाली जगह में बनाया जाएगा।
मेडिकल कॉलेज के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजा था, जिसको मंजूरी मिल गई थी। चार माह पहले एक टीम निरीक्षण के लिए आई थी। निर्माण कार्य जल्द शुरू होने की उम्मीद है।
- डॉ. एचके मित्रा, सीएमएस