जिला अस्पताल में स्थित ब्लड बैंक में ही रक्त की दरकार है। वहीं, स्टाफ इस समय कैंपों का इंतजार कर रहा है। कुछ शिविरों से जो ब्लड आ रहा है। वह भी डायलिसिस के मरीजों में लग रहा है।
मौजूदा समय में ब्लड बैंक में खून की कमी बनी हुई है। पिछले दो माह से यह दिक्कत है। अभी पिछले हफ्ते तक दो कैंप लगे थे, जिनमें चार-पांच यूनिट रक्त ही मिल पाया था, लेकिन वह भी थैलेसीमिया के मरीजों को दे दिया गया। ऐसे में कई ग्रुप ऐसे हैं, जिनके खून की कमी ब्लड बैंक में है। ब्लड बैंक लगातार लोगों से ब्लड डोनेशन कैंप लगाने और रक्तदान करने के लिए अपील कर रहा है।
मौजूदा समय में ए, बी और एबी के पॉजीटिव और निगेटिव समूह के खून की कमी जिला अस्पताल के ब्लैड बैंक में बनी हुई है। सभी ग्रुप में दो-दो यूनिट रक्त ही बचा है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि अक्सर तीमारदार ब्लड डोनेट नहीं करते। उन्हें अस्पताल से ही ब्लड मुहैया कराया जाता है। जिस वजह से यह कमी आ जाती है। सीएमएस डॉ. डीके वर्मा ने बताया कि खून की कमी को पूरा कराया जाएगा। संस्थाओं और संगठनों से ब्लड डोनेशन की अपील भी की जाती है।