रामपुर। बृहस्पतिवार को विश्व टीबी दिवस है। जिले में दशकों से टीबी संक्रमण की रोकथाम को जागरूकता अभियान के साथ ही उपचार चल रहा है लेकिन, इसके बाद भी साल दर साल टीबी रोगियों की संख्या बढ़ रही है।
जिले में टीबी रोगियों का आंकड़ा देखा जाए तो वर्ष 2022 में अब तक केवल तीन महीने में एक हजार मरीज सामने आ चुके हैं। इससे पहले वर्ष-2021 में 6964 मरीज मिले थे। इसके अलावा वर्ष 2020 में 6746 और वर्ष 2019 में टीबी के 6260 मरीज मिले थे। मरीजों के बचाव और इलाज के लिए स्वास्थ्य विभाग प्रयास कर रहा है। पीड़ित को निगरानी में दवाई दी जाती है और जांच की सुविधा भी निशुल्क मुहैया करवाई जा रही है। टीबी के मरीजों का पूरा रिकॉर्ड विभाग के पास है। समय-समय पर इनकी निगरानी भी की जा रही है।
टीबी विभाग का दावा है कि रोगियों की खोज के लिए सभी ब्लॉकों में संचारी रोग के साथ टीबी के रोगियों की खोज के लिए अभियान चलाया गया है। टीमों द्वारा घर-घर जाकर संदिग्ध लोगों की खोज की गई है। उनके सैंपल लेकर जांच के लिए लैब भेजे थे। टीबी संक्रमित मरीजों को उपचार दिया जा रहा।