रामपुर। स्वार-टांडा विधानसभा सीट से चुने गए सांसद आजम खां के पुत्र अब्दुल्ला आजम खां का निर्वाचन हाईकोर्ट ने शून्य कर दिया है, इसके बाद विधानसभा सचिवालय ने भी सीट रिक्त घोषित कर दी है। ऐसे में अब उपचुनाव होना तय है। लिहाजा, उपचुनाव की सुगबुगाहट तेज हो गई है। संभावित उम्मीदवारों ने अपने-अपने हिसाब से आंकड़े जोड़ने शुरू कर दिए हैं।
2017 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की ओर से सांसद आजम खां के पुत्र अब्दुल्ला आजम खां को उम्मीदवार बनाया गया था। भाजपा ने लक्ष्मी सैनी और बहुजन समाज पार्टी के नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां को उम्मीदवार बनाया था। इस चुनाव में भले ही पूरे प्रदेश में भाजपा की बंपर जीत हुई हो, लेकिन रामपुर की तीन सीटों पर सपा ने जीत दर्ज की थी। इसमें स्वार-टांडा सीट से पहली बार अब्दुल्ला आजम खां ने जीत दर्ज की थी। इसके साथ ही वह सबसे कम उम्र के विधायक बने। दूसरे नंबर पर भाजपा की लक्ष्मी सैनी रहीं। अब्दुल्ला को तब 106268 वोट मिले थे और लक्ष्मी सैनी को 53169 मत प्राप्त हुए थे। इस तरह अब्दुल्ला ने यह चुनाव 53099 वोटों से जीत दर्ज की थी लेकिन, इसके बाद बसपा प्रत्याशी नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां ने अब्दुल्ला आजम खां की कम उम्र को लेकर शिकायत करनी शुरू कर दीं। वह इस मामले को लेकर हाईकोर्ट तक गए। तमाम सबूतों को देखते हुए हाईकोर्ट 16 दिसंबर 2019 को स्वार-टांडा विधानसभा सीट का निर्वाचन रद्द करने का आदेश दे दिया, इसके बाद विधानसभा सचिवालय के प्रमुख सचिव ने निर्वाचन शून्य करते हुए सीट को रिक्त घोषित कर दिया। ऐसे में अब इस सीट पर उपचुनाव होना तय है। लिहाजा, उपचुनाव के संभावित उम्मीदवारों ने तैयारियां शुरु कर दी हैं। भाजपा में टिकट के कई दावेदार हैं। कई नेताओं के तो समर्थकों ने सोशल मीडिया के जरिए टिकट की मांग शुरू कर दी है। कुछ ऐसा ही हाल अन्य दलों का भी है। नेता अपने- अपने हिसाब से जातिगत आंकड़े, मतदाता, पिछले चुनाव का विश्लेषण करना शुरू कर दिया है।