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आजम खां शहर विधानसभा सीट से नौ बार रह चुके हैं विधायक

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रामपुर। सपा सांसद आजम खां ने जेल की चाहरदीवारी से ही शहर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने के लिए ताल ठोक दी है। मंगलवार को जारी हुई सपा प्रत्याशियों की सूची में उनके शहर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने पर मुहर लगा दी है। हालांकि जिस प्रकार से समीकरण चल रहे हैं उससे इस बात की भी संभावना है कि वह चुनाव से पहले जेल से बाहर आ जाएं।
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सपा सांसद आजम खां नौ बार शहर विधानसभा सीट से विधायक रह चुके हैं, तो उनकी पत्नी डॉ. तजीन फात्मा इस वक्त शहर विधानसभा सीट से मौजूदा विधायक हैं। आजम खां पिछले करीब 23 माह से सीतापुर जेल में बंद हैं। उनके खिलाफ दर्ज दो मामलों में उनकी जमानत होना बाकी रह गई है।
लेकिन, जिस प्रकार से इस वक्त तेजी से घटनाक्रम बदल रहा है और अब्दुल्ला आजम जमानत पर जेल से बाहर आ चुके हैं, उससे संभावना जताई जा रही है कि चुनाव से पहले आजम खां भी जेल से जमानत पर बाहर आ सकते हैं। फिलहाल उन्हें टिकट दिया जा चुका है और उन्होंने जेल से ही अपनी रणनीति भी बनानी शुरू कर दी है। आजम खां के सामने चुनावी मुकाबले में कांग्रेस से नवेद मियां होंगे, जिन्होंने अब्दुल्ला आजम के नामांकन के वक्त कम आयु का हवाला देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। जिसके बाद अब्दुल्ला आजम का निर्वाचन शून्य घोषित कर दिया गया था।
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वहीं भाजपा से आकाश सक्सेना प्रत्याशी हैं, जिन्होंने आजम खां और उनकी पत्नी एवं शहर विधायक डॉ. तजीन फात्मा और अब्दुल्ला आजम के खिलाफ अब्दुल्ला आजम के दो जन्म प्रमाणपत्र मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। साथ ही अब्दुल्ला आजम और आजम खां के खिलाफ अब्दुल्ला आजम के दो पैन कार्ड व दो पासपोर्ट मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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आजम खां के खिलाफ दर्ज दो मामलों जमानत होना है बाकी
रामपुर। सपा सांसद आजम खां के खिलाफ रामपुर में शत्रु संपत्ति पर कब्जा कर जौहर विवि में मिलाने के आरोप में दर्ज मामले और लखनऊ में जल निगम भर्ती को लेकर दर्ज मामले में जमानत होना बाकी है। अगर इन दो मामलों में आजम खां को जमानत मिल जाती है तो वह जेल से बाहर आ जाएंगे और अपना चुनाव लड़ेंगे। अन्यथा उन्हें जेल से ही चुनाव लड़ना होगा।
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रामपुर में दर्ज मामलों का ब्योरा-
- रामपुर में आजम खां के खिलाफ कुल 98 मुकदमे दर्ज हुए थे। इनमें एक मामले में नामजदगी झूठी पाई गई थी, जबकि साल 2017 से पहले दर्ज 17 मामलों में से नौ मामलों को शासन द्वारा वापस ले लिया गया था।
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