फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रामपुर: सपा सांसद आजम खां के जेल में दो साल पूरे, अबतक सिर्फ दो बार हुए कोर्ट में पेश

Sat, 26 Feb 2022 09:06 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर

सार

2019 में सपा सांसद आजम खां और उनके परिवार के खिलाफ रामपुर के विभिन्न थानों में मुकदमे दर्ज हुए थे। 26 फरवरी 2020 को सांसद ने पत्नी और बेटे के साथ कोर्ट में आत्मसमर्पण किया।
 
विज्ञापन
सपा नेता आजम खां। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

समाजवादी पार्टी के सांसद आजम खां को जेल में बंद हुए दो साल बीत गए हैं। इस बीच वह सिर्फ दो ही बार रामपुर कोर्ट में पेशी पर आए, जबकि उनकी पत्नी शहर विधायक डॉ. तजीन फात्मा और उनके पुत्र अब्दुल्ला आजम जमानत पर बाहर हैं। आजम खां की जमानत अभी तीन मामलों में होना बाकी है।

विज्ञापन


सत्ता परिवर्तन के बाद साल 2019 में सपा सांसद आजम खां और उनके परिवार के खिलाफ रामपुर के विभिन्न थानों में मुकदमे दर्ज हुए थे। उन पर मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के लिए किसानों की जमीन कब्जाने से लेकर भैंस और बकरी चोरी करने तक के आरोप में 87 मुकदमे दर्ज किए गए, जो अदालत में विचाराधीन हैं। अदालत द्वारा गैर जमानती वारंट जारी किए गए।

रामपुर कोर्ट में पत्नी व बेटे के साथ किया था आत्मसमर्पण

इस पर आजम खां ने पुलिस को चकमा देकर अचानक 26 फरवरी 2020 को अपनी पत्नी शहर विधायक डॉ. तजीन फात्मा और बेटे अब्दुल्ला आजम के साथ कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। कोर्ट ने सुनवाई करते हुए तीनों को जेल भेजने के आदेश दे दिए। इस पर पुलिस उन्हें जेल में दाखिल कर दिया, लेकिन सुरक्षा कारणों से तीनों को रातों रात प्रशासन ने सीतापुर जेल में शिफ्ट कर दिया।
विज्ञापन


तीन मामलों में जमानत होना बाकी

इस दौरान कोर्ट में उनके मुकदमों को लेकर लगातार सुनवाई होती रही। रामपुर कोर्ट में विचाराधीन मुकदमों में सिर्फ एक मामले में उनकी जमानत होना बाकी है, जबकि लखनऊ के दो मामलों में उनकी जमानत होना शेष है। अन्य, सभी मुकदमों में उनकी जमानत मंजूर हो चुकी है। इस बीच दो सालों में आजम खां एक मार्च 2020 और तीन मार्च 2020 को रामपुर कोर्ट में पेशी पर आए। किंतु, इसके बाद कोरोना संक्रमण की वजह से कोर्ट में उनकी फिजिकल पेशी नहीं हो सकी। लेकिन, वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए उनके मुकदमों की सुनवाई लगातार होती रही है। जेल में रहते हुए उन्होंने इस बार विधानसभा का चुनाव रामपुर शहर सीट से लड़ा है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें