रामपुर में भैया दूज को लेकर नारियल की खरीदारी करती बहनें। संवाद
- फोटो : RAMPUR
रामपुर। दिवाली के बाद कार्तिक शुक्ल द्वितीया को भाई दूज का त्योहार मनाया जाता है। इसे यम द्वितीया भी कहते हैं। इस दिन बहनें अपने भाई को तिलक करती हैं और उनकी लंबी उम्र की कामना करती हैं। मान्यता है कि जो भाई इस दिन बहन के घर जाकर भोजन ग्रहण करता है और तिलक करवाता है, उसकी अकाल मृत्यु नहीं होती है।
भाई-बहन के स्नेह का प्रतीक यह पर्व दिवाली के के बाद मनाया जाता है। ज्योतिषाचार्य पंडित संजय शर्मा ने बताया कि भाई दूज का त्योहार 6 नंवबर शनिवार के दिन मनाया जायेगा। भाई दूज का त्योहार शुभ मुहूर्त में मनाने से लाभ होता, जबकि राहु काल में भाई को तिलक करने से बचना चाहिए। भाई दूज की द्वितिया तिथि 5 नवंबर को रात्रि 11 बजकर 14 मिनट से लगेगी। जो 6 नवंबर को शाम 7 बजकर 44 मिनट तक बनी रहेगी। इस दिन भाईयों को तिलक लगाने का शुभ मुहूर्त दोपहर 1 बजकर 10 बजे से लेकर 3 बजकर 21 बजे तक रहेगा। यानि तिलक करने का शुभ मुहूर्त 2 घंटा 11 मिनट तक रहेगा।
बहनें थाली में जरूर रखें ये सामान
भाई दूज पर भाई की आरती उतारते वक्त बहन की थाली में सिंदूर, फूल, चावल के दाने, सुपारी, पान का पत्ता, चांदी का सिक्का, नारियल, फूल माला, मिठाई, कलावा, दूब घास और केला जरूर होना चाहिए। इन सभी चीजों के बिना भाई दूज का त्योहार अधूरा माना जाता है
रामपुर में रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में गेट पर बैठकर सफर करते यात्री। संवाद- फोटो : RAMPUR