‘इन्हीं की कृपा से सजे हम हैं, नहीं मोसे गरीब करोर पड़े...’ सबद की व्याख्या करते हुए अमृतसर से आए रागी भाई जगदीप सिंह ने कहा कि गुरु गोबिंद सिंह ने खालसा को सर्वोपरि बताया और कहा कि वह जो कुछ भी हैं खालसा की वजह से ही सजे हैं। ‘अपने साथियों के साथ सबद प्रभ डोरी हाथ तुम्हारे, जीव जंत तेरे थारे...’ का गायन करते हुए सृजनहार की बनाई सृष्टि को उसी प्रभु के हाथों में ही सुरक्षित बताया। उन्होंने ‘खालसा मेरो रूप है खास, खालसा में हो करो निवास...’ इस सबद के माध्यम से खालसा की महत्ता पर प्रकाश डाला।
बैसाखी के मौके पर गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा में सजे दीवान में रागी जत्था भाई जगदीप सिंह ने कीर्तन कर संगत को निहाल किया। कथा वाचक भाई गुरबाज सिंह ने गुरु के बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया। उन्होंने अमृत पियो सदा चिर जियो का रसपान संगत को कराया। लुधियाना से आईं वरिंदर कौर खालसा ने वाहे गुरु का जाप करने के साथ-साथ गुरवाणी का गायन किया। इस मौके पर गुरुद्वारा के प्रधान निर्मल सिंह ने लोगों को सिरोपा भेंट किया।
इसमें रेडिको खेतान के इंद्रपाल सिंह, विजय कुमार, डा. विशेष कुमार, डा. अजय सिंघल, व्यापार मंडल के शैलेंद्र शर्मा, संदीप अग्रवाल सोनी, वीर खालसा सेवा समिति के अवतार सिंह, राधेश्याम अरोड़ा, दर्शन सिंह, सुरेंद्र सिंह को सिरोपा भेंट किया गया। इस मौके पर जगमोहन सिंह निमाणा, मनमीत सिंह, जसपाल सिंह, अमरजोत कपूर, भवनीत सिंह शानू, लखविंदर सिंह, परमजीत सिंह, कुलविंदर सिंह, हरभजन सिंह, मंजीत कौर, बलविंदर कौर, रणजीत कौर आदि रहे।
वहीं, मिलकखानम में बैसाखी का त्योहार धूमधाम से मनाया गया। गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा में बाबा ध्यान सिंह ने कीर्तन कर संगत को निहाल किया। माठखेडा, मेहन्दी नगर सहित क्षेत्र के अन्य गुरुद्वारों में भी दीवान सजाए गए। इस मौके पर प्रधान गुरबाज सिंह बग्गा, अवतार सिंह बिट्टू, बलविन्द्र सिंह, मंगल सिह, डा. मलकीत सिंह, प्रधान जरनैल सिंह आदि मौजूद रहे।