फूड प्वाइजनिंग से बिगड़ी परिवार की हालत
सीएचसी अधीक्षक डॉक्टर अजीम अहमद ने बताया कि महेंद्र और उसके परिवार के सदस्य फूड प्वाइजनिंग के शिकार हुए हैं। महेंद्र सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार को वह रायपुर गांव के साप्ताहिक बाजार से भिंडी खरीद कर लाया था। पकाने के एक दिन पहले उसे काटकर सुखाया गया फिर सब्जी बनी थी। डॉक्टर अजीम का मानना है कि भिंडी कीटनाशक के स्प्रे से प्रदूषित हुई या फिर उसे काटकर सुखाने के दौरान संक्रमण हुआ है, जिसे खाकर उन्हें फूड प्वाइजनिंग हो हुई।
बीमार होने से परिवार की एक बच्ची बच गई
महेंद्र की 10 वर्षीय बेटी ने रविवार की रात भिंडी से रोटी नहीं खाई, जिसके चलते वह बीमार होने से बच गई। महेंद्र सिंह का कहना है कि उसकी छोटी बेटी ने दोपहर की बनी हुई खिचड़ी खाई थी जिसके कारण वह भिंडी खाने से रह गई।
स्वास्थ्य में हो रहा है सुधार: डाक्टर अजीम
सीएचसी अधीक्षक डॉक्टर अजीम अहमद का कहना है कि फूड प्वाइजनिंग से पीड़ितों को समय रहते सीएचसी लाना बेहतर रहा। उपचार दिया जा रहा है जिससे उनकी हालत में सुधार हो रहा है। यदि रात में ही पीड़ित सीएचसी से आ जाते तो स्थित और तेजी से सुधर सकती थी।
फूड प्वाइजनिंग से बचने के उपाय
- कच्ची सब्जियों और फलों को नमक वाले पानी से अच्छी तरह धोना चाहिए।
- रसोईघर को साफ रखना चाहिए। चाकू और कटिंग बोर्ड को रोज साबुन से धोना चाहिए।
- फ्रिज को अंदर से साबुन के पानी से साफ करना चाहिए। फ्रिज में अगर कोई जूस या खाद्य पदार्थ गिर जाये, तो तुरंत साफ करें।
- मांस को हमेशा अच्छे से साफ करके ठीक तरह से पकाना जरूरी है।
- पके हुए खाने को बहुत देर तक फ्रिज में न रखें।
- ऐसे खाद्य पदार्थों से बचें, जिनमें कच्चा दूध होता है।
- बाहर का खाना न खाएं।
- खराब खाना या काफी देर से रखा खाना तो बिल्कुल न खाएं।
- साफ पानी पिएं।
- किसी भी संक्रमित या गंदी चीज को छूने के बाद साबुन और पानी से हाथ धोएं। मैले कपड़े या घर की गंदगी साफ करते समय दस्ताने पहनें।