जमात-ए-इस्लामी हिंद शोबा-ए-ख्वातीन की केंद्रीय सचिव अतिया सिद्दीका ने कहा कि उनकी तंजीम पूरे मुल्क में मुस्लिम पर्सनल ला जागरूकता अभियान चलाएगी। दिल्ली से इसकी शुरुआत कर दी गई है। बड़े शहरों में काउंसलिंग सेंटर, शरई पंचायत और दारुलकजा कायम की जाएंगी। ताकि शरीयत की रोशनी में आपसी झगड़े निपटाए जा सकें।
केंद्रीय सचिव अतिया सिद्दीका ने मर्कजी दर्सगाहे इस्लामी में आयोजित प्रेस कांफ्रेस में कहा कि आवाम में मुसमिल पर्सनल ला को लेकर जागरूकता लाने के लिए 23 अप्रैल जागरुकता अभियान की शुरूआत कर दी गई है। बेहतर समाज बनाने के लिए खामियां दूर की जाएंगी। मुसलमानों को कुरान और हदीस के दायरे में अपनी जिंदगी गुजारनी चाहिए। मुहिम के जरिए मुसलमानों को बताया जाएगा निकाह आसान और दहेज लानत है। फिजूलखर्ची पर भी रोक लगनी चाहिए। मुसलमानों को अपनी बच्चों को इस्लामी तरबियत देनी चाहिए। उनकी तंजीम की मुहिम मलिन बस्तियों तक पहुंचेगी।
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उन्होंने कहा कि मुसलमान आपसी झगड़ों और फिजूल की बातों में उलझ गए हैं। शरीयत के दायरे में आपसी झगड़े निपटाने के लिए बड़े शहरों में काउंसलिंग सेंटर, दारुल कजा और शरई पंचायतें कायम की जाएंगी। विरासत में औरतों को हिस्सा मिलना चाहिए। जमाअत के हल्का-ए- अमीर यूपी और उत्तराखंड डा. फरहत हुसैन ने कहा कि इस्लाम को न समझने की वजह से मआशरे में बिगाड़ पैदा हो रहा है। मुहिम के जरिए मआशरे में सुधार लाने की कोशिश की जाएगी।
उन्होंने कहा कि किसी भी हालत में कामन सिविल कोड मंजूर नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सात मई तक अभियान चलाकर अलग-अलग जिलों और शहरों में मुसलमानों को शरई कानून की जानकारी देंगे। हल्का-ए- अमीर बरेली के मौलाना शफीक इस्लाही ने जमाअते इस्लामी हिंद की जानिब से 23 अप्रैल से 7 मई तक चलने वाले मुस्लिम पर्सनल ला अभियान की जानकारी दी। इस मौके पर मौलाना अब्दुस्सलाम भी थे।