विधायक ने कहा कि लाइब्रेरी सर्वगुण सम्पन्न है। यहां हर चीज उपलब्ध है। यहां प्राचीन किताबों के अतिरिक्त कई महत्वपूर्ण साहित्य हैं, जो आज देखने को मिले। आने वाली 22 तारीख को प्रभु श्रीराम लंबे समय के बाद मंदिर में विराजमान हो रहे हैं। इसी कारण रामपुर रजा लाइब्रेरी में इस प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है।
रजा लाइब्रेरी एक ऐसा नायाब खजाना है, जहां पर हजरत अली जी साहब के हाथ से लिखा कुरान है, तो सुमेर चंद के हाथ से लिखी वाल्मीकि रामायण भी है। इस अवसर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अभिनव जैन ने कहा कि 22 तारीख तक हम पूरे प्रदेश और देश में रामोत्सव मना रहे हैं। सभी मंदिरों में सब जगहों पर स्वच्छता अभियान भी चला रहे हैं, लेकिन ये कार्यक्रम, प्रदर्शनी जो हम कर रहे हैं, यह अपने-आप में अनोखी है।
यह प्रदर्शनी उसी कड़ी में रामोत्सव में रामपुर का एक विशेष योगदान है। इस अवसर पर लाइब्रेरी एवं सूचना अधिकारी डाॅ. अबुसाद इस्लाही, वरिष्ठ तकनीकी रेस्टोर अरुण कुमार सक्सेना, वरिष्ठ तकनीकी रेस्टोरर सैयद तारिक अजहर, तकनीकी रेस्टोरर हिमांशु सिंह एवं लाइब्रेरी के अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे। संचालन शबाना अफसर ने किया। अंत में सनम अली खान द्वारा सभी का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में सैयद नवेद कैसर एवं डाॅ. प्रीति अग्रवाल और पूनम सैनी द्वारा श्रीराम की स्तुति की गई।
प्रदर्शनी में ये हैं खास
- 1627 में फारसी में मुल्ला मसीह पानीपती द्वारा अनुवादित रामायण
- 18वीं शताब्दी की उर्दू में घासीराम द्वारा लिखित रामलीला
- 1825 ईसवीं में अहमद खां गफलत द्वारा लिखित किस्सा राम सीता
- टीकाकार पंडित ज्वाला प्रसाद मिश्र की टीका रामायण
- श्री गोस्वामी तुलसीदास कृत रामचरित मानस
- वाल्मीकि रामायण
- 1847 में राजा राम वर्मा टीकाकार की टीका आध्यात्म रामायण सेतु