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रामपुर: जानलेवा हमले में तीन भाइयों को सात साल की कैद, बिलासपुर में 14 साल पहले हुई थी घटना में सुनवाई

Thu, 17 Aug 2023 07:12 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर

सार

बिलासपुर कोतवाली में जून 2009 को ऊषा भारद्वाज ने एक मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि कुछ लोगों ने उसके पति गुरुदत पर सरियों से हमला कर घायल कर दिया था। कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई की।
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अदालत का फैसला - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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जानलेवा हमले के मामले में कोर्ट ने तीन सगे भाइयों को सात साल की कैद की सजा सुनाई है। तीनों पर पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। कोर्ट ने 14 साल पुराने मामले में यह सजा सुनाई है। जानलेवा हमले का यह मामला बिलासपुर कोतवाली क्षेत्र के लक्ष्मीनगर कॉलोनी का है।

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ऊषा भारद्वाज पत्नी गुरुदत्त भारद्वाज ने बिलासपुर कोतवाली में 20 जून 2009 को एक मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि कुछ लोगों ने उसके पति गुरुदत पर सरियों से हमला कर घायल कर दिया था। इस मामले में पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की।

इसकी सुनवाई एडीजे शमीम अहमद अंसारी की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता अंजू सिंह ने वादी समेत कई गवाहों को पेश किया साथ ही आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग की। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि घटना का कोई स्वतंत्र साक्षी नहीं है।
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लिहाजा आरोपियों को बरी किया जाए। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने तीन सगे भाई हेमंत, सुरेंद्र और सुरेश को दोषी मानते हुए सात-सात साल की कैद व पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई। सुनवाई के दौरान चौथे आरोपी हेमंत के पिता केशव प्रसाद की मृत्यु हो गई थी।

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