अजमेर में शाहबाद के इमाम मोहम्मद माहिर के हत्याकांड का अजमेर पुलिस ने रविवार को खुलासा कर दिया है। एसपी अजमेर देवेंद्र कुमार बिश्नोई ने मामले का सनसनीखेज खुलासा करते हुए मदरसे के छह छात्रों को ही हत्या के मामले में गिरफ्तार किया है।
प्रेसवार्ता करते हुए पुलिस ने बताया कि शारीरिक शोषण से छुटकारा पाने के लिए मदरसे के छह छात्रों ने ही इमाम माहिर को नशीला पदार्थ खिलाने के बाद डंडों से पीट-पीटकर हत्या की थी। पुलिस ने मदरसे के छह छात्रों को गिरफ्तार कर लिया है।
अजमेर की पुलिस के अनुसार 27 अप्रैल को राजस्थान के अजमेर जिले के थाना रामगंज क्षेत्र के दौराई गांव के मोहल्ला कंचन नगर स्थित मोहम्मदी मस्जिद में शाहबाद के रायपुर गांव निवासी इमाम मोहम्मद माहिर (29) की मस्जिद परिसर में बने मदरसे में पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी।
घटना के 15वें दिन रविवार को अजमेर पुलिस ने इस ब्लाइंड हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा किया है। अजमेर पुलिस ने बताया कि इमाम माहिर मदरसे के छात्रों के साथ गलत काम करता था। जिससे मदरसे के सभी छात्र परेशान थे।
गांव से लौटने के बाद भी इमाम माहिर ने मदरसे के छात्र के साथ गलत काम किया था। जिसके बाद सभी छात्रों ने शारीरिक शोषण से मुक्ति पाने के लिए इमाम माहिर को जान से मारने का प्लान बना डाला और 26 अप्रैल की रात छात्र पास के ही मेडिकल स्टोर से नींद की गोलियां खरीद कर लाए।
इसी रात मौलाना माहिर बाहर खाना खाने गए थे। जहां से रात के करीब 10 बजे वापस लौटे। जिसके बाद सभी छात्रों ने बूंदी के रायते में नींद की गोली पीस कर मिला दी थी। हत्या से पहले सभी छात्रों ने यह प्लान बनाया था कि आज रात कोई भी छात्र नहीं सोएगा।
कुछ समय बाद इमाम माहिर मदरसा परिसर स्थित कमरे में सो गए। तभी छात्रों ने मस्जिद में पीछे गली में पड़े कबाड़ में से एक डंडा लेकर आए और कमरे में सो रहे इमाम माहिर के सिर में जोरदार ताबड़तोड़ वार करने शुरू कर दिए।
डंडे से किए गए वार के बाद घायल इमाम माहिर बैठने का प्रयास किया, तब सभी छात्रों ने मिलकर पास में रखी रस्सी से मोलाना माहिर के गले में फंदा लगाकर जोर से खींचा, कुछ समय बाद मौलाना माहिर हिलना-डुलना बंद हो गए। जब पूर्ण रूप से इमाम की धड़कने बंद हुई और लगा कि इमाम की मौत हो चुकी है, तो फिर सभी छात्र कमरे से बाहर आ गए।