इसके बाद तहसीलदार प्रमोद कुमार के साथ ग्राम अहमदनगर पहाड़ी आ गए, जहां करीब 16 हेक्टेयर शत्रु संपत्ति है। इसमें से कुछ जमीन पर अवैध कब्जा हो गया है, जिसका मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है। संयुक्त सचिव ने राजस्व विभाग के अफसरों से शत्रु संपत्ति से संबंधित अभिलेख तलब किए। साथ ही जमीन को कब्जा मुक्त कराने के लिए हाईकोर्ट में पैरवी तेज करने के लिए कहा। जमीन की पूरी जानकारी जुटाने के बाद वह रामपुर से रवाना हो गए।
रामपुर के एसडीएम व जॉइंट मजिस्ट्रेट मनीष मीणा ने बताया कि शत्रु संपत्ति का जायजा लेने के लिए शत्रु संपत्ति के अभिरक्षक एवं संयुक्त सचिव जौहर विश्वविद्यालय आए थे। उन्होंने शहर के नजदीक स्थित अन्य शत्रु संपत्ति के बारे में भी जानकारी ली और उसका जायजा लिया है।