दोपहर तक बेटी के वापस न आने पर उन्होंने गांव में तलाश शुरू कर दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने भी ग्रामीणों की मदद से बच्ची को खोजना शुरू कर दिया। इसके बाद परिजनों ने गुमशुदगी दर्ज कराई थी। आठ अप्रैल को भी पूरे दिन परिजन व पुलिस बच्ची को खोजते रहे, लेकिन उसका पता नहीं चला।
नौ अप्रैल को गांव की महिला सीमा ने किराना व्यापारी के घर के पीछे नसीर अहमद के खाली प्लाॅट में एक बोरी पड़ी देखी। उसने ये बात दानिश को बताई। सूचना पर दानिश व परिवार के अन्य सदस्य मौके पर पहुंचे और बोरी को खोला तो उसमें उनकी बेटी का शव था।
दानिश के फूफा व भाकियू भानु के पूर्व जिला अध्यक्ष मोहम्मद सलीम वारसी ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव बाहर निकाला। पुलिस के अनुसार मृतका का मुंह पॉलिथीन से बंद था। हाथ बंधे हुए थे और दोनों पैर कटे थे।
परिजनों ने किराना व्यापारी व उसके परिवार के सदस्यों पर बेटी की हत्या का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस ने सभी को समझाकर शांत किया। एसपी राजेश द्विवेदी करीब 10 बजे मौके पर पहुंचे और उन्होंने घटना स्थल तथा किराना व्यापारी के घर की तलाशी ली, लेकिन वह घर पर नहीं मिला। पुलिस ने आरोपी के परिवार के चार सदस्यों को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
सुरक्षा के चलते आरोपी के घर के बाहर पुलिस तैनात कर दी गई है। घटना क्यों और किसलिए की गई है, इसकी जांच हो रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का पता चल सकेगा। पुलिस मामले की जांच कर रही है। आरोपियों को गिरफ्तार कर शीघ्र घटना का खुलासा किया जाएगा। - राजेश द्विवेदी, एसपी।