रामपुर ने एक बार फिर उत्तराखंड से 400 क्यूसेक पानी की डिमांड का पत्र भेजा है। 28 अप्रैल से 11 मई तक रामपुर की नहरों में यह पानी छोड़ने की मांग की गई है। पानी मिलने पर नहरों का कटान न हो और टेल तक पानी पहुंचे इसके लिए जिलेदार से सींचपाल तक का अलर्ट भी कर दिया गया है। 35 तालाबों को भी भरवाने की योजना है, लेकिन रामपुर की यह डिमांड उत्तराखंड से फिलहाल पूरी होती नजर नहीं आ रही।
अिधशासी अभियंता (सिंचाई) रामपुर वीके अग्रवाल की ओर से ऊधमसिंहनगर (उत्तराखंड) के अधिशासी अभियंता (सिंचाईं) को रामपुर की नहरों में 400 क्यूसेक पानी छोड़ने की फिर डिमांड भेजी गई है।
26 अप्रैल को भेजे गए पत्र में भाखड़ा स्लूस, खाजिया स्लूस, ककराला स्लूस और जुनार स्लूस से पानी मांगा गया है। उत्तराखंड के बौर जलाशय से बरेली की नहरों को भी पानी मिलता है। अधिशासी अभियंता ने बताया कि हरीपुरा और तुमड़िया जलाशय से सिर्फ रामपुर की नहरों को पानी मिलता है, जबकि बौर जलाशय से बरेली की भी कुछ नहरों को पानी दिया जाता है। इस वक्त बरेली की नहरों में भी पानी नहीं है।
अधिशासी अभियंता (नहर) वीके अग्रवाल ने खरीफ फसल में नहरों के संचालन का रोस्टर तैयार कर लिया है।
वैसे से रोस्टर के मुताबिक अप्रैल में नहरें सूखीं रहती हैं, लेकिन किसानों की डिमांड पर नहरों में पानी लाने का प्रयास किया जा रहा है। उम्मीद है कि एक या दो दिन में कुछ नहरों में पानी टेल तक पहुंच जाएगा।