शाहबाद में दशहरे के मौके पर रावण के पुतले के बजाए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ का पुतला फूंके जाने के बाद पुलिस द्वारा दर्ज की गई रिपोर्ट पर हिंदू संगठनों का पारा चढ़ गया। गुस्साए हिंदू संगठनों ने इस मुद्दे को लेकर एसपी से मुलाकात कर चेतावनी दी कि यदि रिपोर्ट निरस्त नहीं की गई तो कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे। एसपी ने इस मामले की जांच सीओ मिलक को सौंपी है।
शाहबाद के चतरपुर गांव में कुछ लोगों ने रावण के पुतले की जगह पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ का पुतला फूंक दिया था। आरोप है कि इस दौरान एक पक्ष के लोगों ने इसे नई परंपरा बताते हुए पुलिस से शिकायत की जिसके आधार पर पुलिस ने बीस लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री का पुतला फूंकने पर रिपोर्ट दर्ज होने की जानकारी मिलते ही हिंदू संगठनों का पारा चढ़ गया। हिंदू संगठन के नेताओं में इस मुद्दे को लेकर जबर्दस्त आक्रोश है।
गुस्साए भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता और चतरपुर के ग्रामीणों ने जिलाध्यक्ष सुरेश चंद्र गंगवार और शाहबाद क्षेत्र के पूर्व विधायक कांशीराम दिवाकर के नेतृत्व में एसपी से मुलाकात की। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने इस मामले में अपना पक्ष रखा। आरोप लगाया कि स्थानीय पुलिस हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न कर रही है। उड़ी हमले और आतंकवाद के विरोध में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री का पुतला फूंका गया है। कोई भी नई परंपरा नहीं डाली गई है। कहा कि कुछ लोग इस मामले में झूठी शिकायतें कर रहे हैं जिसकी वजह से आक्रोश है। कहा कि इस मुकदमे को निरस्त किया जाए।
कार्यकर्ताओं को एसपी ने आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया। इस मौके पर सांसद प्रतिनिधि मोहन लोधी, राकेश सरन मिश्रा, राजीव मांगलिक, तोताराम, जगपाल सिंह, जितेंद्र सिंह, संजीव, पप्पू, हरपाल, कपिल आर्य, प्रेम सिंह, सुखवीर सिंह, मेवाराम समेत अन्य भाजपाई मौजूद रहे। दूसरी ओर हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं ने भी एसपी को ज्ञापन दिया। कहा कि आतंकवाद का पुतला फूंकना कोई जुल्म नहीं है। पुलिस इस मामले में हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न कर रही है, जिसकी वजह से आक्रोश है। कहा कि यदि उनका उत्पीड़न किया गया तो कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे। जिलाध्यक्ष प्रवीण कुमार शर्मा, उमेश रस्तोगी, डा.फूल सिंह, राज कुमार रहे।