भोट (रामपुर)। केंद्र सरकार द्वारा पारित कृषि कानूनों के विरोध में भारतीय किसान यूनियन का धरना 88 वें दिन भी जारी रहा। इस दौरान आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने फैक्टरियों से निकलने वाले दूषित पानी को नदियों में छोड़े जाने पर रोष जताया।
केंद्र सरकार द्वारा पारित कृषि कानूनों को वापस किए जाने की मांग को लेकर कोयला टोल प्लाजा पर चल रहा धरना 88वें दिन भी जारी रहा। भाकियू जिलाध्यक्ष हसीब अहमद ने कहा कि टांडा सहित जिले के कई क्षेत्रों में कई फैक्टरियों से निकलने वाला दूषित पानी किसानों की फसलों को प्रभावित कर रहा है। फैक्टरियों से निकलने वाला दूषित पानी नदियों में छोड़े जाने से वह फसलों तक पहुंच रहा है। जहरीले पानी से फसलें तो खराब हो ही रही हैं, लोगों के स्वास्थ्य पर भी विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। प्रदूषित पानी को नदियों में छोड़ने से नहीं रोका गया तो ऐसी फैक्टरियों के खिलाफ जल्द ही भाकियू द्वारा आंदोलन शुरू किया जाएगा। कहा कि जब तक तीनों कृषि कानून वापस नहीं होते उनका आंदोलन जारी रहेगा। इस दौरान मुजफ्फरनगर में पांच सितंबर को होने वाली महापंचायत को भी सफल बनाने की अपील की। धरने में इरफान हसन, छिद्दा अली, जुम्मा, शराफत अली, चंद्रसेन, फरमान, शाकिर अली, कयूम, मनोज राजपूत, अब्दुल, नईम प्रधान, मोहसिन अली, शकील, रिजवान, समीर, साबिर अली, सरताज अली आदि मौजूद रहे।