भोट (रामपुर)। नए कृषि कानूनों की वापसी की मांग को लेकर भाकियू द्वारा आयोजित धरना 57वें दिन भी जारी रहा। किसान टोल प्लाजा पर अनिश्चितकालीन धरने पर डटे रहे। इस दौरान किसानों ने कहा कि सरकार व किसानों की भलाई तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने में है अन्यथा 2024 तक किसान धरने पर बैठे रहेंगे और सत्ता परिर्वतन कर तीनों कृषि कानूनों को वापस कराएंगे।
नए कृषि कानूनों की वापसी की मांग को लेकर कोयला टोल प्लाजा पर भाकियू मंडल उपाध्यक्ष मोहम्मद तालिब के नेतृत्व में चल रहा किसानों का धरना शुक्रवार को 57वें दिन भी जारी रहा। इस दौरान मोहम्मद तालिब ने कहा कि अभी तो कोयला टोल प्लाजा पर धरने को 57 दिन ही हुए हैं, अगर सरकार ने तीनों किसान विरोधी कृषि कानूनों को वापस नहीं लिया तो किसान 2024 तक धरने पर बैठे रहेंगे क्योंकि, टिकैत साहब ने कह दिया है कि 2024 तक तो भारत सरकार तीनों कृषि कानूनों को वापस ले लेगी। इसलिए, जब तक सरकार तीनों कृषि कानूनों को वापस नहीं ले लेगी, तब तक किसान अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे रहेंगे अन्यथा 2024 में सत्ता परिवर्तन कर तीनों कानून वापस कराए जाएंगे। सरकार और देश के किसानों की भलाई इसी में है कि तीनों कृषि कानूनों को जल्द से जल्द वापस लिया जाए तथा सरकार एमएसपी पर कानून बनाने की गांरटी दे, जिससे किसानों के साथ-साथ सरकार का समय भी बचेगा। यदि सरकार ने किसानों की बात नहीं मानी तो अगले चुनावों में देश का किसान सरकार को सबक सिखा देगा। वहीं, उत्तराखंड के नानकमत्ता से दिल्ली आंदोलन में शामिल होने जा रहे किसान भी शुक्रवार को किसानों के समर्थन में धरने में शामिल हुए और विरोध प्रदर्शन कर गाजीपुर बॉर्डर के लिए रवाना हो गए। इस दौरान उत्तराखंड भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष मलूक सिंह, जितेंद्र सिंह, अनमोल सिंह, हरविंदर सिंह, करनैल सिंह, इरफान हसन, छिद्दा अली, अब्दुल मुस्तफा, नदीम अहमद, मुनव्वर आलम, शाकिर अली आदि मौजूद रहे।