भोट (रामपुर)। केंद्र सरकार द्वारा पारित कृषि बिल के विरोध पर भाकियू कार्यकर्ता शुक्रवार को भी टोल प्लाजा पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे रहे। इस दौरान किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी व प्रदर्शन किया। साथ ही तीनों कृषि कानूनों को वापस किए जाने की मांग की।
केंद्र सरकार द्वारा पारित कृषि कानूनों को वापस किए जाने की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन के मंडल उपाध्यक्ष मोहम्मद तालिब के नेतृत्व में रामपुर-काठगोदाम हाईवे स्थित कोयला टोल प्लाजा में किसानों का अनिश्चितकालीन धरना 50वें दिन भी जारी रहा। इस दौरान आक्रोशित किसानों ने केंद्र सरकार पर किसानों की अनदेखी करने के आरोप लगाते हुए नारेबाजी व प्रदर्शन किया। धरने के मौजूद किसानों को संबोधित करते हुए मंडल उपाध्यक्ष ने कहा कि कहा कि क्षेत्र के किसान पिछले 50 दिनों से कोयला टोल प्लाजा पर और देश के किसान पिछले सात माह से भी अधिक समय से दिल्ली की सीमाओं में आंदोलन कर कृषि कानूनों की वापसी की मांग कर रहे हैं। लेकिन, सरकार किसानों की मांगों की अनदेखी कर रही है। सरकार किसानों को कमजोर समझ रही है, लेकिन देश का किसान कमजोर नहीं है और वह हार मानने वाला भी नहीं है। किसान धरती का सीना चीर कर देश के लिए अनाज पैदा कर सकता है, तो इन कानूनों की बिसात ही क्या है। लेकिन, किसान संवैधानिक तरीके से कानून के दायरे में रहकर अपना काम करते हैं। इसलिए, जब तक सरकार तीनों कृषि कानूनों को वापस नहीं ले लेती, तब तक धरना जारी रहेगा। इस दौरान शाकिर अली, छिद्दा अली, इरकफान हसन, सलीम, उमर, मोहम्मद रफी, नदीम अहमद, मुजफ्फर अली, अब्दुल मुस्तफा, अमीर अहमद, जमील अहमद, मुनव्वर आलम आदि मौजूद रहे।