प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा पूर्व मंत्री आजम खां के जेल के निर्माण के प्रोजेक्ट पर रोक लगाने के आदेश के बाद जेल के लिए आवंटित की गई जमीन के मामले की जांच के लिए कारागार विभाग के महानिदेशक बुधवार को रामपुर पहुंचेंगे। वहां वे यहां लोगों से बातचीत करेंगे साथ ही हर पहलू की जांच-पड़ताल करेंगे। इस दौरान वे प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री से भी मुलाकात करेंगे। इसको लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
शहर में चीनी मिल की जमीन पर नई जेल का निर्माण कार्य चल रहा है। पिछली सपा सरकार में मंजूर हुआ यह प्रोजेक्ट सपा के कद्दावर नेता आजम खां के महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में शामिल रहा है। शासन ने जेल के निर्माण कार्य के लिए बीस करोड़ रुपये जारी कर दिए थे, जिस पर निर्माण कार्य शुरू करा दिया गया था। चीनी मिल ने आवास भी खाली कराने शुरू कर दिए थे। मामला हाईकोर्ट में भी गया और कालोनी के बाश़िदों को स्टे दे दिया गया था। कई बार आंदोलन भी हुए और लोग जेल भी गए। भाजपा ने इसका विरोध भी किया था। पिछले दिनों हाईकोर्ट ने स्टे खारिज करते हुए जेल निर्माण को हरी झंडी दे दी थी।
एक माह पूर्व ही दोबारा से इसका निर्माण कार्य शुरू हुआ था। किंतु, अब सूबे में सत्ता परिवर्तन हो चुका है और भाजपा की सरकार बन चुकी है। लिहाजा, चीनी मिल कालोनी के बाशिंदों ने पिछले दिनों अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री जेल का निर्माण रुकवाने की मांग की थी। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जेल के निर्माण पर रोक लगाने का आदेश जारी किया था। साथ ही इस मामले की जांच के आदेश कारागार विभाग के डीजी को सौंप दी थी। साथ ही पत्रावलियां भी तलब की हैं। इस बीच मामले की जांच के लिए कारागार महानिदेशक जीएल मीणा, कारागार विभाग की उपमहानिदेशक शशि श्रीवास्तव मय अफसरों के साथ बुधवार को रामपुर पहुंचेंगे, जहां वह जेल वाली जमीन का जायजा लेंगे। साथ ही अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री बलदेव औलख से मुलाकात करेंगे।