रामपुर। कोरोना संक्रमण के कारण करीब दो साल से स्कूलों में कक्षाएं संचालित नहीं हो सकी हैं। इससे स्कूल में होने वाला लिखित कार्य, होमवर्क, मासिक व अन्य टेस्ट परीक्षाओं के साथ ही स्कूल में किए गए कार्य को घर पर विषय कॉपी पर करने जैसे लिखित कार्य कम हुए। जिससे विद्यार्थियों की लिखने की गति से लेकर क्षमता तक प्रभावित हो गई है।
विद्यार्थियों की लिखने की गति और क्षमता प्रभावित होने की बात अब स्कूल खुलने और यूपी बोर्ड की प्री-बोर्ड परीक्षाओं के दौरान सामने आ रही है। शिक्षकों और विद्यार्थियों के अनुसार अब लिखावट बिगड़ना, लिखने पर कुछ समय में ही अंगुलियों और कलाई में दर्द होने लगना, एकाग्रचित न हो पाना, उत्तर लिखने में अधिक समय लगना आदि समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।